हाथरस। उत्तर-मध्य रेलवे के हाथरस किला स्टेशन पर पिछले दो दिनों से जलभराव के कारण खाद की रैक अनलोडिंग के लिए नहीं लग पा रही। रैक को उतारने के लिए ठेकेदार के ट्रक स्टेशन पर खड़े हुए हैं। लेबर भी दो दिनाें से स्टेशन पर रैक लगने के इंतजार में बैठने के बाद घरों को बैरंग लौट रही है।
रेलवे प्रशासन की लापरवाही एवं अनदेखी से उत्तर-मध्य रेलवे के स्टेशन हाथरस किला के हालात काफी बदतर हो चुके हैं। हालात यह हैं कि पिछले वर्षों में भी कई बार ट्रैक से पैसेंजर ट्रेन का इंजन उतर चुका है। इसके बावजूद रेलवे के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। मौजूदा समय में किला स्टेशन के गोदाम पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं।गोदामों में एफसीआई और पीसीएफ में से कोई भी अनाज और खाद उतरवाने का जोखिम नहीं उठाता है। हाथरस किला रेलवे स्टेशन के जिस ट्रैक पर रैक लगती है, वह पूरा ट्रैक इस समय पानी में डूबा हुआ है। ट्रैक के पास कीचड़ और दलदल होने के कारण रेलवे के अधिकारी कोई भी रिस्क नहीं उठाना चाहते हैं। लिहाजा खाद की रैक को रेलवे स्टेशन हाथरस जंक्शन पर ही खड़ा कर रखा है। रेलवे अधिकारी मौसम साफ होने एवं ट्रैक से पानी सूखने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे रैक को हाथरस किला पर उतारा जा सके।
गोदाम में भरा पानी, लाखों की खाद खराब
हाथरस। किसानों को रबी की फसल के लिए डीएपी और यूरिया खाद उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये की खाद भरी हुई थी, लेकिन यह खाद किसानों को वितरित करने से पूर्व ही खराब होने लगी है। शहर के सादाबाद गेट स्थित एग्रो के कृषि गोदाम में भरी हुई लाखों रुपये की खाद में पानी भर गया है। गोदाम की नाली और छत से गोदाम में लगातार पानी जा रहा है। खराब मौसम में गोदाम के प्रभारी एवं कर्मचारी इस पानी को रोक नहीं पा रहे हैं, जिससे यह खाद बेकार होना लाजिमी है।