फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: हड़ताल से टीबी मरीजों पर संकट, नहीं मिल रही दवा

Thu, 15 Oct 2026 02:02 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
विज्ञापन
टीबी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज। संवाद - फोटो : Samvad
विज्ञापन
जिले में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के चलते ऑनलाइन व्यवस्था ठप होने से टीबी मरीजों को दवा के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज ग्रामीण इलाकों के टीबी केंद्रों से लेकर जिला क्षय रोग केंद्र तक भटकने पर मजबूर हैं।
विज्ञापन


आठ अक्तूबर से एनएचएम के तहत तैनात 592 संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं। टीबी नियंत्रण में लगे 17 कर्मचारी भी इस हड़ताल में शामिल हैं। इस कारण आठ अक्तूबर से टीबी अस्पताल को छोड़कर सभी टीबी केंद्रों पर कार्य प्रभावित हैं।
दो शहरी केंद्र मिलाकर जिले में कुल नौ टीबी केंद्र हैं। सीएचसी स्थित टीबी केंद्रों पर जांच से लेकर नियमित मरीजों को दवा वितरित की जाती है। पांच अक्तूबर से टीबी कर्मचारी डिजिटल स्ट्राइक पर थे और फिर पूर्णत: हड़ताल में शामिल हो गए। पिछले सप्ताह नए टीबी मरीजों के इलाज शुरू होने का काम पूरी तरह प्रभावित रहा। इधर, टीबी अस्पताल में इस बीच हुई जांचों में 18 नए मरीज सामने आए। इनका इलाज शुरू होने में भी देरी हुई।
विज्ञापन


जिला क्षय केंद्र पर शुरू की व्यवस्था
लगातार शिकायतें मिलने पर सीएमओ के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार से जिला क्षय केंद्र पर नियमित मरीजों को दवाएं मिलना शुरू हुईं। आपात सेवाएं होने के कारण टीबी नियंत्रण में ही लगे कुछ कर्मचारी दवा वितरित कर रहे हैं, लेकिन इनका पंजीयन नहीं हो पा रहा।

ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं मिल रही दवा
अवागढ़ (एटा) के मरीज की 10 सितंबर से दवा चल रही है। हड़ताल के कारण उसे दवा नहीं मिल पा रही थी। जिला क्षय रोग केंद्र से दवा मिलने की जानकारी पर उसने यहां आकर दवा ली। इसी तरह अलीगढ़ के शेरगढ़ हरदुआगंज व मथुरा के गांव नगला कन्हैया के एक मरीज ने यहां आकर दवा ली। इनके अलावा बुधवार को सादाबाद, सिकंदराराऊ, मुरसान व सासनी से भी मरीजों ने यहां आकर दवा ली।

टीबी के नियमित मरीजों को दवा वितरित कराई जा रही है। टीबी नियंत्रण में लगे कर्मचारियों के अलावा स्थायी कर्मचारी व फार्मासिस्ट से सभी केंद्रों पर दवा वितरित की जा रही है। मरीजों को जिले तक आने की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन

-डाॅ. प्रवीण भारती, जिला क्षय रोग केंद्र, हाथरस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें