साधु श्यामाचरण की हत्या के आरोप में गिरफ्तार पुष्पेंद्र।
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ऐसी कहानियां सिर्फ फिल्मों में नहीं हकीकत में भी होती हैं। बीस साल पहले कोतवाली क्षेत्र के गांव भोजगढ़ी में एक युवती की हत्या गांव के ही एक युवक ने कर दी थी। उस समय युवती के पांच साल के भाई को सुरक्षा कारणों से मुंबई भेज दिया गया था। हत्या का आरोपी युवक भी साधु बनकर दूसरे गांव में रहने लगा था। अचानक कुछ समय पहले दोनों गांव लौटे। जब मृतका के युवा हो चुके भाई को इस साधु की पहचान मालूम हुई तो उसकी बदले की भावना प्रबल हो गई। उसने आरोपी साधु (50) की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, उसने खुद पुलिस को घटन की जानकारी दी।
बताते हैं कि करीब 20 साल पहले ग्राम भोजगढ़ी के हनुमान प्रसाद की 22 वर्षीय विवाहिता पुत्री भूरी की जहर देकर हत्या कर दी गई थी। उसकी हत्या का आरोप गांव के ही श्यामाचरण पर लगा था, लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई थी। कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार द्विवेदी के मुताबिक हत्या के आरोप के कारण श्यामाचरण गांव छोड़कर चला गया और साधु के वेष में रहने लगा था।
करीब 20 साल बाद श्यामाचरण भोजगढ़ी लौट आया और गांव के बाहर कैलोरा रोड पर बने माता के मंदिर पर रहने लगा। भूरी की मौत के समय हनुमान प्रसाद का इकलौता पुत्र पुष्पेंद्र मात्र पांच साल का था। रंजिश के कारण दिव्यांग मां ने उसे अपनी बहन के पास मुंबई भेज दिया।
वह मुंबई में पलकर बड़ा हुआ और वहीं एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करने लगा। इतना समय बीतने के बावजूद पुष्पेंद्र अपनी बहन की मौत को नहीं भुला पाया। गत सप्ताह पुष्पेंद्र अपने गांव भोजगढ़ी आया था। गांव के लोगों के बारे में कम जानकारी थी। मंगलवार की शाम को अचानक साधु वेषधारी श्यामाचरण को देखकर पुष्पेंद्र ने गांव के लोगों से पूछताछ की।
लोगों ने उसे बता दिया कि यह श्यामाचरण है। यह नाम सुनते ही पुष्पेंद्र का माथा ठनक गया। इसी रात करीब आठ बजे वह मंदिर पर पहुंच गया और बाबा श्यामाचरण से अपनी बहन भूरी की मौत के बारे में पूछताछ करने लगा। बताते हैं कि इसी बात पर दोनों के मध्य विवाद हो गया।
गुस्से में पुष्पेंद्र ने श्यामाचरन के गले में पडे़ स्वाफी से गला दबाकर उसको मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद पुलिस को सूचना देकर मौके से फरार हो गया। हालांकि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन के पास गिरफ्तार कर लिया है। युवक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।