मुरसान ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी से जिले में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। क्षेत्र पंचायत सदस्यों के असंतुष्ट खेमे की अगुवाई कर रहे भाजपा नेता रामवीर सिंह भैयाजी अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस मसले पर विश्वास में लेने की कोशिश में जुटे हैं।
पार्टी नेताओं के साथ उनकी इस मुद्दे पर लगातार मंत्रणा भी चल रही है। इधर, विरोधी खेमे के इस दांव को मात देने के लिए बसपा ने भी कमर कस ली है। बसपा के दिग्गज भी इस संभावित संकट को टालने की कोशिश में जुट गए हैं। उन्हें उम्मीद है कि विरोधी इस बार सफल नहीं हो पाएंगे।
दरअसल, जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर पहले अविश्वास प्रस्ताव और फिर अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के बाद बसपा विरोधियों का हौसला बुलंद है। उनकी नजर अब बसपा के सबसे सुरक्षित किले मुरसान के ब्लॉक प्रमुख पद पर है। भाजपा नेता रामवीर सिंह भैयाजी इस सिलसिले में पिछले दिनों अपने फॉर्म हाउस पर क्षेत्र पंचायत की बैठक कराके यह दावा कर चुके हैं कि करीब 53 सदस्यों ने उन्हें ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र सौंप दिए हैं, जिन्हें वह अपनी पार्टी के नेताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद जल्द ही डीएम के सामने पेश करेंगे।
इस बैठक के बाद जिले में बसपा बनाम विरोधी दलों के बीच सियासी लड़ाई की सरगर्मियां फिर तेज हो गई हैं। हालांकि पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय पहले ही कह चुके हैं कि विरोधी नेता इस बार अपने मंसूबों में सफल नहीं हो पाएंगे, लेकिन इसके विपरीत भाजपा नेताओं का दावा है कि जब असंतुष्टों का बहुमत उनके साथ है, इसलिए उनकी सफलता में कोई संदेह नहीं है। रामवीर सिंह भैयाजी का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श चल रहा है। जल्द ही आगे की रणनीति का खुलासा किया जाएगा।
इसके विपरीत बसपा भी अंदरखाने विरोधियों की इस रणनीति से निपटने की तैयारी में जुटी है। बीडीसी सदस्यों से संपर्क करके उनकी समस्याएं और उनके रूठने की वजह पूछी जा रही है और उनके साथ गिले-शिकवे भी दूर किए जा रहे हैं, ताकि अविश्वास प्रस्ताव की नौबत ही नहीं आ सके। बसपा के बड़े नेता खुद बीडीसी सदस्यों के संपर्क में हैं, जबकि विरोधी लॉबी भी असंतुष्टों से संपर्क बनाए हुए है और उन्हें ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ लामबंद करने की कोशिश में जुटी है। फिलहाल नगर पालिका चुनाव के बाद पैदा हुए इस राजनीतिक हालात पर सभी की नजरें टिकी हैं। सभी देखना चाहते हैं कि इस खींचतान में बाजी किसके हाथ लगेगी।