हाथरस में लगातार जीएसटी टीम का छापा जारी है। 23 नवंबर को भी बिटुमिन (तारकोल का काम करने वाली एक फर्म) फर्म पर स्टेट जीएसटी की टीम ने छापा मारा। टीम ने दो जगहों पर दस्तावेज और स्टॉक की जांच की। हालांकि, कम माल मिलने के कारण जब्ती की कार्रवाई नहीं हुई।
आगरा रोड स्थित चूना वाला बल्क कैरियर परिसर में संचालित फर्मों पर स्टेट जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा ने कार्रवाई की। इस कार्रवाई में मुख्य परिसर के साथ ही शहर से सटे गांव नगला नंदू स्थित गोदाम आदि पर भी स्टेट जीएसटी की टीम ने कार्रवाई की। टीम की ओर से देर रात तक कार्रवाई को अंजाम दिया गया। घंटों की कार्रवाई के बाद भी इस फर्म पर काफी कम स्टाक मिलने के कारण माल सीज न किए जा पाने की जानकारी सामने आई है। जीएसटी विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा के उपायुक्त शशि भूषण त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में सहायक आयुक्त विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा राजीव कुमार, सीटीओ विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा पूर्णिमा शर्मा, सीटीओ सचल दल हाथरस मनोज गोयल, सीटीओ सचल दल हाथरस प्रेम सिंह आदि शामिल थे।
फर्म पर खड़ी है लाखों की आईटीसी
सूत्रों की मानें तो स्टेट जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा की ओर से लाखों की आईटीसी खड़े होने के कारण कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार फर्म की ओर से खरीद बिक्री काफी कम दर्शाई गई है, जबकि उनके जीएसटीएन में लगभग 20 लाख रुपये की आईटीसी खड़ी है। यानि 18 फीसद की कम्यूडिटी पर 20 लाख रुपये आईटीसी खड़े होने का मतलब कई करोड़ का कारोबार दर्शाया जाना चाहिए था।
बैरंग लौटी जांच टीम
फर्म मालिक कपिल अग्रवाल का कहना है कि उनका कारोबार ट्रेडिंग का है, उनका तमाम माल पोर्ट पर जमा है, लेकिन जीएसटी को नहीं मालूम कि माल कहां स्टाक है। इसके चलते जांच के लिए टीम आई थी, लेकिन उन्हें यहां कुछ भी कमी नहीं मिली है। आवश्यक दस्तावेज टीम ले गई है। उनका कहना है कि चूंकि टीम ने जीएसटी का आईएनएस-1 नहीं दिखाया, इसलिए वे इसे छापे की कार्रवाई नहीं मानते।