शहर की समाजसेवी सोनल अग्रवाल और रुपाली अग्रवाल ने एक अनूठी पहल की है। वे घर बैठे कारोबार करने वाली महिलाओं को एक बड़ा मंच प्रदान करेंगी। इसके लिए आगामी 17 अक्तूबर को ''सृजन उत्सव'' का आयोजन किया जाएगा।
उत्सव के जरिये 55 महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिलेगा। यह पहल घरेलू महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भरता की नई उड़ान देने के लिए है। कई महिलाएं घर पर हस्तशिल्प, डिजाइनर परिधान, सजावटी सामान, अचार-मुरब्बे, बेकरी उत्पाद और ज्वेलरी बनाती हैं। व्यापक मंच के अभाव में उनका कारोबार परिचितों तक ही सीमित रह जाता है। ''सृजन उत्सव'' में चयनित सभी महिलाओं को स्टॉल उपलब्ध कराई जाएगी।
आयोजकों का लक्ष्य शहर और आसपास के करीब 10 हजार ग्राहकों तक इन उत्पादों को सीधे पहुंचाना है। इससे महिलाओं को अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिलेगा। आने वाले त्योहारी सीजन में उन्हें बड़े ऑर्डर मिलने की राह भी खुलेगी।
हुनर को बाजार से जोड़ने की मुहिम
शहर में दर्जनों महिलाएं सुंदर पेंटिंग, हस्तशिल्प और खानपान का सामान तैयार करती हैं। परिवार की जिम्मेदारी और संसाधनों की कमी से उनका काम व्हाट्सएप ग्रुप्स तक सीमित रहता है। उन्हें सही दाम और सार्वजनिक पहचान नहीं मिल पाती। इसी कमी को दूर करने के लिए ''सृजन उत्सव'' की नींव रखी गई है। यह उत्सव हुनरमंद महिलाओं को 10 हजार ग्राहकों के सामने पहचान बनाने का अवसर देगा।
सोनल अग्रवाल, समाजसेवी
महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
त्योहारी सीजन में इन 55 महिला उद्यमियों के उत्पादों को बाजार में उतारना सही समय है। जब एक महिला अपने कमाए पैसे हाथ में लेती है, तो उसका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है। उत्सव में सभी प्रतिभागी महिलाओं को स्टॉल की सुविधा मुफ्त दी जा रही है। इसका उद्देश्य उन पर कोई आर्थिक बोझ न डालना है। आयोजकों का लक्ष्य महिलाओं को थोक व नियमित ग्राहक दिलवाकर उनके घरेलू काम को स्थायी कारोबार बनाना है।
रुपाली अग्रवाल, समाजसेवी