जल निगम जिले में जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। बारिश के मौसम के बाद जिले में कई स्थानों पर जल प्रदूषण से लोगों को बीमारी का सामना करना पड़ रहा है।
चिकित्सकों ने भी लोगों के उपचार के बाद पीने के पानी को बीमारियों का कारण बताया। बावजूद इसके जल निगम के कानों पर जू तक नहीं रेंग रही है।
जल निगम की पानी की प्रयोगशाला विभाग को सादाबाद तहसील के जंगल स्थित स्टोर में शिफ्ट कर दी गई है। जिसमें सालों से पानी के नमूने पर जांच हो रही है। इससे आम आदमी खराब पानी की समस्या से मुक्ति दिलाई जा सके। प्रयोगशाला का स्थानांतरण कराने का कारण बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना था।
पूर्व में पानी की जांच के बाद विभाग द्वारा जल दूषित जल श्रोतों को बंद कराने की जानकारी भी दी गई थी, जिससे जन स्वास्थ्य को ठीक रखा जा सके।
विभागीय फील्ड स्टाफ ने अब जल श्रोतों के नमूने भरकर जांच करने का काम भी बंद कर रखा है।
जबकि विभाग की यह लैब आज भी कागजों में पानी की जांच करती है। विभागीय अफसर जांच के लिए आने वाली दवाओं का भी लगातार दुरुपयोग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से जल निगम के कार्यों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।