दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर इन दिनों यात्रियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए रेलवे लगातार स्पेशल ट्रेनें चला रहा है, लेकिन इन ट्रेनों का हाथरस जंक्शन पर ठहराव नहीं होने से स्थानीय यात्रियों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
रेलवे ने जो स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, उनमें कुछ लंबी दूरी की हैं तो कुछ अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीमित फेरों के लिए चलाई जा रही हैं। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि हाथरस जंक्शन प्रमुख स्टेशन होने के बावजूद उन्हें स्पेशल ट्रेन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। लखनऊ, पटना, कोलकाता, असम, हरिद्वार या दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को मजबूरन अलीगढ़ या टूंडला से ट्रेन पकड़नी पड़ती है।
इससे न सिर्फ उनकी यात्रा समय बढ़ जाता है, बल्कि अतिरिक्त खर्च और असुविधा भी झेलनी पड़ती है। कई यात्री रात के समय इन स्टेशनों तक पहुंचने में सुरक्षा के प्रति भी चिंतित रहते हैं। पिछले एक माह में करीब छह स्पेशल ट्रेनें दिल्ली-हावड़ा रूट पर चली हैं, जिनमें से कुछ एक-दो फेरों के लिए थीं, लेकिन किसी को भी हाथरस जंक्शन पर ठहराव नहीं दिया गया है।
उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों का ठहराव तय करने में रूट क्लीयरेंस, समयबद्धता और ट्रैफिक लोड को प्रमुखता दी जाती है। हाथरस जंक्शन स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव का निर्णय यात्रियों की संख्याव अन्य बिंदुओं के आधार पर रेलवे बोर्ड लेता है।