मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के संदेश के बाद समाजवादी पार्टी में बागियों पर सपा आलाकमान की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। सूत्र बताते हैं कि सपा हाईकमान ने पूरे प्रदेश से उन सभी पदाधिकारियों और नेताओं के बारे में रिपोर्ट तलब की है, जोकि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ या तो चुनाव लड़ रहे हैं या फिर उनके खिलाफ काम कर रहे हैं।
सपा की मेन बॉडी ही नहीं, बल्कि फ्रंटल संगठनों के जिलाध्यक्षों से भी इस बारे में अलग-अलग रिपोर्ट तलब की गई है, जिसके बाद इन सभी ने बागियों को चिह्नित करके उनकी रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। उम्मीद है कि जल्द ही यह रिपोर्ट हाईकमान को भेज दी जाएगी।
दरअसल, समाजवादी पार्टी में चली अंतर्कलह का असर हर जिले में दिखाई दिया है। अंतर्कलह की आड़ में कई ऐसे नेताओं ने भी पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ ताल ठोक दी है, जिन्हें किन्हीं वजहों से टिकट नहीं मिल पाया। उन्होंने अपना असंतोष जाहिर करते हुए सीएम और सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा घोषित उम्मीदवारों के खिलाफ नामांकन दाखिल कर दिए और चुनाव मैदान में मजबूती से ताल भी ठोंक रहे हैं।
ऐसी ही शिकायतें सीएम अखिलेश यादव को मंगलवार को सिकंदराराऊ की जनसभा में भी मिली थीं। जनसभा के मंच से ही सीएम ने बागियों को सख्त चेतावनी जारी की थी। सीएम ने उनसे साफ कहा था कि जो संघर्ष की इस घड़ी में हमारे खिलाफ लड़ रहे हैं, उन्हें हमारी पार्टी में रहने की जरूरत नहीं है।
इसी के बाद सभी मेन बॉडी और फ्रंटल संगठनों के जिलाध्यक्षों से बागियों के बारे में तुरंत रिपोर्ट मांगी है।
सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष प्रशांत यादव ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि नेतृत्व ने ऐसे लोगों के बारे में रिपोर्ट मांगी है, जोकि हमारे खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं या फिर गठबंधन के प्रत्याशियों को सहयोग नहीं कर रहे हैं और उन्हें हराने का काम कर रहे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद पार्टी इन सभी को नोटिस जारी करेगी और इन सभी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।