किला गेट मस्जिद पर जुमा की नमाज पढ़ते लोग।
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हाथरस। रमजान के पाक माह में मुस्लिम बस्तियों में सुबह और देर रात तक चहल-पहल बनी हुई है। शहर की मस्जिदों को भी आकर्षक विद्युत झालरों से सजाया गया है। मस्जिदों में रोजेदार पांच वक्त की नमाज अदा कर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। पांच वक्त तक मस्जिदों और इबादतगाहों पर मेला सा लग रहा है। घर-परिवार के लोग सहरी और इफ्तार के समय एक जगह एकत्रित होकर लजीज पकवान ग्रहण करते हैं।
सहरी के बाद रोजेदार सबसे पहले सुबह फजर की नमाज में शामिल हुए और खुदा की इबादत की। रमजान में जुमे के रोजा का विशेष महत्व होता है। रोजेदारों ने फजर, जौहर, असर, मगरिब, ईंशा समेत कुल पांच वक्त की नमाज अदा कर खुदा से तरक्की और खुशहाली की दुआएं मांगी। हर मुसलमान को रमजान के पाक माह में रोजा रखना चाहिए। खुदा पर एतबार करना चाहिए। अपनी आमदनी का ढाई फीसदी गरीब, मजलूम और विधवा को देकर उसकी सहायता करनी चाहिए। रमजान को लेकर बाजारों में खूब खरीदारी भी की जा रही है। लोग खासकर खजूर और दूसरे फलों के अलावा कुरेरी, पापड़ जैसी तलने वाली चीजें खरीद रहे हैं।