हाथरस। बारिश से धान और बाजरा की फसल बोने वाले किसानों के चेहरे खिल गए हैं। लेकिन, जिन्होंने अपने खेतों में सब्जियों की फसल बो रखी है, उन्हें काफी नुकसान हुआ है।
जिले में करीब 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल है। करीब 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बाजरा की फसल है। बारिश से धान और बाजरा सिंचाई हो गई है। किसानोंं का मानना है कि धान की फसल में बारिश अहम भूमिका निभाती है। बारिश से धान का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों अच्छे होते हैं। लेनिक रसभरी, सब्जियों की फसलों के खेत में पानी भर जाने से नुकसान हुआ है। इससे सब्जियों के सड़ने की आशंका बन गई है।
जून से नौ सितंबर तक बारिश के आंकड़े
सामान्य मात्रा - कुल बारिश - प्रतिशतता में बारिश - पिछले साल इस अवधि में बारिश
448.7 385.2 79 310.8
बारिश से धान व बाजरा की फसलों में फायदा हुआ है। वहीं खेतों में पानी भर जाने से रसभरी, सब्जियों आदि की फसलों में बारिश से नुकसान हुआ है।
- बालकिशन, किसान, दरकई।
बारिश से किसानों को दोहरा फायदा हुआ है। एक तरफ जहां धान- बाजरा की फसलों की सिंचाई हो गई है वहीं, अगली फसलों के लिए खेत में पर्याप्त नमी बन गई है।
- भीम सिंह, किसान, गिजरौली।
बारिश से फसलों को फायदा हुआ है। धान और बाजरा की फसलों की सिंचाई हो गई है। हालांकि खेत में पानी भरने से सब्जी आदि की फसलों में नुकसान की आशंका है। अगर अब और अधिक बारिश पड़ती है तो सब्जियों के सड़ने की आशंका बन जाएगी।
- डॉ. एसआर सिंह, कृषि वैज्ञानिक।