उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) के पहले दिन 12 से ज्यादा अभ्यर्थियों की देरी से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की वजह से परीक्षा छूट गई। किसी को गूगल मैप ने गलत रास्ता दिखा दिया तो कोई शहर के जाम में फंस गया।
आगरा से आए एक अभ्यर्थी को गूगल मैप अक्रूर इंटर कॉलेज के दूसरे गेट पर ले गया, जो बंद था। वहां से मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचने में कुछ मिनट लग गए। जब तक वह निर्धारित गेट पर पहुंचा, प्रवेश बंद हो चुका था और उसे परीक्षा देने का अवसर नहीं मिल सका।
अलीगढ़ से आए करीब आधा दर्जन अभ्यर्थी बाईपास पुल के नीचे लगे लंबे जाम में फंस गए। अभ्यर्थियों का कहना था कि वे करीब डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहे और परीक्षा केंद्र पर करीब 10 मिनट देरी से पहुंचे। इस कारण उन्हें भी केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।
जिले के 10 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। प्रत्येक पाली में 3,720 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 3,220 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 500 अनुपस्थित रहे।
दूसरी पाली में 3,219 अभ्यर्थी शामिल हुए और 501 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में युवाओं के साथ बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और अन्य अभ्यर्थियों ने भी प्रतिभाग किया। सुबह से ही आगरा, अलीगढ़, मथुरा, कासगंज, एटा सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी हाथरस पहुंचे।
मैं समय से हाथरस पहुंच गया था, लेकिन गूगल मैप मुझे अक्रूर इंटर कॉलेज के दूसरे गेट पर ले गया। वहां से मुख्य गेट तक पहुंचने में देर हो गई और प्रवेश बंद होने के कारण परीक्षा नहीं दे सका।
-सौरभ दुबे, आगरा निवासी अभ्यर्थी।
बाईपास पुल के नीचे भीषण जाम लगा था। करीब डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहे। परीक्षा केंद्र पर करीब 10 मिनट देर से पहुंचे, लेकिन अंदर प्रवेश नहीं मिला।
-रागिनी सिंह, अलीगढ़ निवासी अभ्यर्थी।
पेपर काफी अच्छा था। एसएसटी के कुछ प्रश्नों ने उलझाया है, अपेक्षाकृत पेपर के आसान होने से उम्मीद है कि इस बार पेपर निकल जाएगा।
-ब्रजेश कुमार, आगरा निवासी अभ्यर्थी।
इस बार पेपर देने की व्यवस्था काफी अच्छी है। केंद्र पर पानी व अन्य सुविधाएं थीं और प्रवेश पर सख्ती अधिक थी। ऐसे में परीक्षा का परिणाम भी पारदर्शी आने की उम्मीद है।
-रविकांत शर्मा, अभ्यर्थी।