यूजीसी के नए नियमों के विरोध में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच एक फरवरी को बंद का आह्वान किया गया था। बंद को लेकर रविवार को दुकानदार असमंजस में रहे। कुछ दुकानें बंद रहीं तो कुछ खुली रहीं।
29 जनवरी को राष्ट्रीय सवर्ण परिषद ने बैठक कर विरोध जताया था। एक फरवरी को बंद का आह्वान था। सुबह से ही कुछ संगठनों के लोग बाजारों में एकत्रित होकर प्रदर्शन करते नजर आए। सुबह 11 बजे के बाद अधिकतर जगह दुकानें खुली देखी गईं। बांस मंडी चौराहा से घंटाघर, बैनीगंज, रामलीला मैदान, पंजाबी मार्केट, कमला बाजार आदि जगहों पर बाजार खुले रहे। नजिहाई, हलवाई खाना, पसरट्टा बाजार, नयागंज, चक्की बाजार, रूई की मंडी में कुछ दुकानें बंद रहीं।
बंद का आह्वन करने वाली राष्ट्रवादी प्रताप सेना ने घंटाघर पर प्रदर्शन किया। यहां संगठन के युवा प्रदेश अध्यक्ष नितिन सिंह शेखावत ने कहा कि सरकार को नए नियम वापस लेने होंगे। एक पदयात्रा दिल्ली जाएगी। हरेंद्र सिंह सिसोदिया, अशोक परमार, सत्येंद्र ठाकुर, सुनील आदि उपस्थित रहे। हसायन कस्बे का बाजार रविवार को बंद रहा। व्यापार मंडल, भारतीय किसान यूनियन भानू गुट व सवर्ण समाज के लोग दुकानें बंद कराते रहे। व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता, भाकियू भानू गुट के मंडल प्रभारी राम जादौन, आशीष गुप्ता, सोनू अग्रवाल शामिल रहे।