हाथरस। उत्पाद शुल्क के विरोध में जिले में सराफा कारोबारियों की बेमियादी हड़ताल 16वें दिन भी जारी रही। कुछ कारोबारी सराफा बाजार में धरने पर जमे रहे, जबकि ज्यादातर कारोबारी दो बसों से दिल्ली में हुए धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लेने गए। कारोबारियों की हड़ताल को राजनेताओं का भी समर्थन मिलने लगा है।
सराफा कमेटी के अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली के धरना-प्रदर्शन में अनिश्चितकालीन कारोबार बंदी का ऐलान कर दिया गया है। जब तक केंद्र सरकार काले कानून को वापस नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार अड़ियल रवैया अपना रही है। इस काले कानून से सराफा कारोबार पूरी तरह तबाह हो जाएगा। जब तक सरकार नहीं चेतेगी, तब तक हड़ताल चलती रहेगी। इसका खामियाजा भाजपा और केंद्र सरकार को विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। गौरतलब है कि पिछले 15 दिनों से सराफा कारोबारियों की यह हड़ताल चल रही है, लेकिन अभी तक केंद्र से कारोबारियों को कोई राहत नहीं मिली है। हड़ताल का खामियाजा कारोबारियों ही नहीं, बल्कि ग्राहकों को भी भुगतना पड़ रहा है।
बोले सराफा कारोबारी
- शहर में आभूषणों की लगभग 200 दुकानें हैं। सभी कारोबारियों को हर दिन लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उत्पाद शुल्क नहीं हटेगा जब तक आंदोलन जारी रहेगा।
- मोहन लाल अग्रवाल, अध्यक्ष, सराफा कमेटी।
- केंद्र सरकार और वित्त मंत्री सराफा कारोबारियों की मांगों को तबज्जो नहीं दे रहे हैं। हड़ताल से आम लोग भी परेशान हैं। दस की दिन की हड़ताल में सभी कारोबारियों का करोड़ाें का नुकसान हुआ है।
- बौ. विकास शर्मा, अध्यक्ष, युवा सराफा कमेटी।
- शहर में 200 से 250 लोग सर्राफ का कार्य करते हैं। दस दिन की हड़ताल से हमारा काम भी चौपट है। दस दिन की हड़ताल में लगभग दो करोड़ रुपये का स्वर्णकारों का नुकसान हुआ है। आंदोलन का पूरा साथ दिया जाएगा।
- बलवीर वर्मा, अध्यक्ष, स्वर्णकार सभा।