महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाके लिए अब स्वयं सहायता समूह के जरिए छह ड्रोन दीदी तैयार की जाएंगी। इसके लिए प्रशासन की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इन्हें ड्रोन खरीदने के लिए 10 लाख रुपये मिलेंगे। अभी तक जिले में एक ड्रोन दीदी की ओर से कार्य किया जा रहा है।
खेतों में कीटनाशक आदि का आधुनिक तरीके से छिड़काव आदि किए जाने के लिए कवायदें की जा रही हैं। इसके अंतर्गत एनआरएलएम योजना के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर भी बनाया जा रहा है। इसमें छह ड्रोन दीदी को तैयार किया जाएगा। इसमें हर एक दीदी को ड्रोन खरीदने के लिए 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। जिसमें 90 फीसदी का अनुदान भी दिया जाएगा। इन ड्रोन दीदी का चुनाव स्वयं सहायता समूह से किया जाएगा।
इनके द्वारा खेतों पर ड्रोन उड़ाए जाने के लिए इन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद दीदी खेतों पर ड्रोन से दवा आदि का छिड़काव का काम करेंगी। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। एनआरएलएम के जिला समन्वयक रंजन ने बताया कि शासन से स्वीकृति के बाद छह ड्रोन दीदी तैयार कर उनके समूह को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।