रक्षाबंधन पहला त्योहार होने की वजह से घर पर सभी परिचित, रिश्तेदार पहुंच रहे थे। जब अपनी सुसराल से सुभाष की बहन पहुंची तो घर पर पहले से मौजूद सारी महिलाएं व लोग भावुक हो गए। बहन ने जब भाई के चित्र पर तिलक लगाया, तो सभी की आंखें भर आईं।
सहपऊ क्षेत्र के गांव नगला मनी निवासी बलिदानी सुभाष की बहन अंजना ने भाई की तस्वीर पर तिलक लगाकर व राखी रखकर रक्षाबंधन मनाया। रोते हुए वह कह रही थी कि मेरा भाई बहुत ही साहसी था, जब से उसकी नौकरी सेना में लगी, तब से वह रक्षाबंधन पर जरूर आया करता था। इस बार भी उसने आने का वादा किया था।
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सुभाष अपनी दादी की मृत्यु होने पर उनके त्रयोदशी संस्कार में दो माह के अवकाश पर आया था। दो माह की छुट्टी 25 जुलाई को समाप्त होनी थी। अगस्त में रक्षाबंधन था, इस बीच यूनिट से बुलावा आने पर वह 7 जुलाई को ड्यूटी पर वापस चला गया था। परिजनों ने बताया है कि उसने रक्षाबंधन पर आने का वादा किया था।
त्योहार आने से पहले ही गांव में उसका शव आया। बलिदान के बाद 19 अगस्त को पहला त्योहार होने की वजह से घर पर सभी परिचित, रिश्तेदार पहुंच रहे थे। जब अपनी सुसराल से सुभाष की बहन पहुंची तो घर पर पहले से मौजूद सारी महिलाएं व लोग भावुक हो गए। बहन ने जब भाई के चित्र पर तिलक लगाया, तो सभी की आंखें भर आईं।