राज्य कर विभाग के स्थानीय अधिकारियों की ड्यूटी एसआईआर अभियान में लगने के कारण जीएसटी के वित्तीय वर्ष 2025-26 के काम प्रभावित हो रहे हैं। इससे व्यापारियों, अधिवक्ताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कार्यालय में अधिकारी नहीं मिलते हैं।
जीएसटी कार्यालय द्वारा वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही में विभिन्न प्रकार का लेखा-जोखा देखा जाता है, इसमें जो भी अंतर मिलते हैं, उन पर नोटिस जारी किए जाते हैं। व्यापारियों को इन नोटिसों का जवाब देने और सुनवाई के लिए कार्यालय जाना पड़ता है, लेकिन अधिकारी अपने पटल पर नहीं मिल रहे हैं। जिससे व्यापारियों और अधिवक्ताओं को सर्दी और बारिश के मौसम में जीएसटी कार्यालय जाकर बिना काम कराए वापस लौटना पड़ रहा है। विरोध करने वालों में डिस्ट्रिक्ट टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश वार्ष्णेय एडवोकेट, सचिव विनोद कुमार अग्रवाल एडवोकेट, कोषाध्यक्ष दुर्गेश चतुर्वेदी एडवोकेट, संरक्षक गिरीश चंद्र शर्मा एडवोकेट ने डीएम को पत्र सौंपने का निर्णय लिया है।