लक्ष्मीनगर में गंदगी को लेकर कोतवाली पहुंची महिलाएं।
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लक्ष्मीनगर की रहने वाली कई महिलाएं शनिवार दोपहर को सदर कोतवाली पहुंची और पुलिस से जाम लगाने की अनुमति मांगने लगीं। महिलाओं का जाम लगाने पर कार्रवाई से बचने की गारंटी चाहिए थी। दरअसल, यह महिलाएं इलाके में काफी समय से बने गंदगी और जलभराव से परेशान थीं।
नगर पालिका प्रशासन के सुनवाई न करने पर वह जाम लगाना चाहती थीं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई का डर उन्हें सता रहा था। महिलाओं को लगता है कि जाम लगाने से अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता से लेंगे। हालांकि पुलिस ने सभी महिलाओं को जाम न लगाने की नसीहत दी और इस मामले में नगर पालिका से शिकायत करने को कहा। महिलाओं में से एक अनीता देवी का कहना था कि वह पिछले तीन साल से इलाके के सीवर चोक हैं। सड़कों पर घुटनों तक गंदा पानी भरा हुआ है।
कई घरों में भी पानी अंदर चला गया है। बीते सालाें में कई बार स्थानीय लोग पालिका प्रशासन का पुतला फूंक चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। प्रकाशवती ने बताया कि मोहल्ले के ज्यादातर घरों में लोग मच्छरजनित बीमारियों की चपेट में हैं। प्रकाशवती खुद कुछ दिनों पहले चिकनगुनिया से पीड़ित रही हैं।
इलाके की महिलाओं ने कहा कि नगर पालिका के अधिकारी हर बार शहर से बाहर होने की बात कहकर मामले को टाल रहे हैं। त्योहार नजदीक होने के कारण परेशानी बढ़ गई है। महिलाओं को गंदगी के बीच दिवाली मनाने की आशंका नजर आ रही है। सदर कोतवाल मनोज शर्मा का कहना है कि महिलाओं ने गंदगी को लेकर जाम लगाने की बात कही थी।
महिलाओं को समझाकर लौटा दिया गया है और इस संबंध में नगर पालिका में शिकायत करने को कहा गया है।