राया रोड स्थित कृभको केंद्र पर शनिवार सुबह से किसान डीएपी लेने के लिए कतार में लग गए। 20 किलोमीटर का सफर तय करके पहुंचे, लेकिन फिर खाद नहीं मिला और मायूस लौटना पड़ा। इस केंद्र पर पिछले चार दिन से खाद का वितरण किया जा रहा था। शनिवार को सुबह से ही महिला और पुरुषों की लगी लंबी कतार लगी थी, कुछ किसानों का नंबर आ गया और कुछ किसानों का नंबर नहीं आया। कई किसान बार-बार केंद्र प्रभारी से विनती करते रहे। किसानों के पूछने पर केंद्र प्रभारी खाद की उपलब्धता न होने के संबंध में जानकारी देते रहे। सबसे अधिक किसान हाथरस और सहपऊ क्षेत्र के थे
सुबह 7 बजे से लाइन में लगा हूं, मुझसे आगे कई किसान थे उनको खाद मिल गया। मेरा नंबर आने पर केंद्र प्रभारी ने खाद न होने की कहकर मना कर दिया। -महावीर सिंह, छतारा
जानकारी होने पर पांच घंटे पहले खाद लेने के लिए आया था और लाइन में लग गया जैसे ही अंगूठा लगवाने के नजदीक आया तभी मना कर दिया। खाद खत्म हो गया है। 12 किलोमीटर दूर से खाद लेने के लिए आया था। -लोचन, बामोली
लाइन में लगा था, खाद खत्म होने पर कह दिया घर वापस जाओ।जबकि 30 से 35 कट्टे अंदर थे, जिन्हें अपने-अपने लोगों को इंचार्ज ने दे दिया। पूछने पर गलत व्यवहार कर रहे हैं। -प्रियांशु सिंह, मढ़ाका सहपऊ।
जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि अक्तूबर माह 10200 मीट्रिक टन डीएपी वितरण का लक्ष्य है। 10298 की जिले को आपूर्ति हो चुकी हैं, 7234 मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है। 27 अक्तूबर को इफको की 1368 मीट्रिक टन की रैक हाथरस किला पर लग चुकी है, जिसे समितियों को भेजा जा रहा है। 30 अक्तूबर को मोजेक, एनएफएल, आईपीएल की रेक मथुरा, अलीगढ, एटा में लगना प्रस्तावित है, इससे भी जिले को 1200 मीट्रिक टन डीएपी की आपूर्ति होगी, जिसे निजी उर्वरक विक्रेताओं को भेजा जाएगा। साधन सहकारी समिति चन्दपा पूर्वी एवं पश्चिमी का निरीक्षण कर कृषकों में डीएपी का वितरण कराया गया।
सदर विधायक ने डीएपी को उपलब्ध कराने को लिखा पत्र
हाथरस सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर ने आलू और गेहूं की बुवाई व डीएपी की किल्लत को देखते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि किसानों की मांग में अचानक से वृद्धि हुई है। वर्तमान में जनपद में मात्र 2754 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक है। उन्होंने निजी व सहकारिता क्षेत्र में 8000 एमटी डीएपी की आपूर्ति कराने का आग्रह किया है।
जिले में डीएपी की मांग और उपलब्धता
- 23072 मीट्रिक टन का लक्ष्य रबी के फसल के लिए मिला
- 10200 डीएपी मीट्रिक टन अक्तूबर में वितरित करना था
- 10298 मीट्रिक टन डीएपी जिले को मिला अक्तूबर माह में
- 7234 मीट्रिक टन जिले में अब तक वितरित किया जा चुका