कड़ाके की ठंड और बढ़ते प्रदूषण के बीच लोग साइनस संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। शनिवार को बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में 586 मरीज परामर्श के लिए पहुंचे। इनमें से 48 मरीज अकेले साइनस की गंभीर समस्या से पीड़ित पाए गए।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डाॅ. अवधेश कुमार ने बताया कि ठंड के मौसम में हवा शुष्क हो जाती है। साथ ही तापमान गिरने से नाक के अंदर की झिल्ली में सूजन आ जाती है। इससे बलगम बाहर नहीं निकल पाता और संक्रमण का रूप ले लेता है। इस संक्रमण के कारण चेहरे में दर्द, सांस लेने में दिक्कत तथा सिर दर्द की शिकायत होती है।
तीव्र संक्रमण खतरनाक होता है, जिसमें सिर में भारीपन और तेज दर्द होता है। माथे और आंखों के बीच यह समस्या अधिक होती है। संघूने की शक्ति भी कम होती है। नाक बंद, तेज बुखार व आंखों के पीछे व आसपास असहनीय दर्द का मतलब है कि संक्रमण तीव्र है। ऐसे में तत्काल चिकित्सक की सलाह लें।
जिला अस्पताल में आए मरीजों को दवा देने के साथ ही बचाव के उपाय बताए गए। डाॅ. अवधेश ने बताया कि सबसे पहला काम ठंड से बचना है। जो लोग साइनस से पीड़ित हैं, उन्हें ठंड में विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। सिर, कान को हमेशा ढंक कर रखें। जब बाहर निकलें तो नाक को भी ढंकें। गुनगुने पानी का सेवन करें। दिन में दो बार पानी की भाप लें, इससे साइनस मार्ग साफ होता है।
सुबह 11 बजे तक खुली ओपीडी
शनिवार को अवकाश के चलते ओपीडी सुबह 11 बजे तक ही खुली। सुबह नौ बजे तक काफी संख्या में मरीज ओपीडी में पहुंचे। इनमें साइनस के अलावा छाती में संक्रमण, सर्दी व जुकाम के 142 मरीज रहे। साथ ही हड्डी व जोड़ों से संबंधित 87 मरीजों ने परामर्श लिया। काफी लोग सुबह 11 बजे के बाद भी पहुंचे, लेकिन इन्हें निराश लौटना पड़ा।