सादाबाद। रबी की फसलों की बुवाई के बीच क्षेत्र की कई सहकारी समितियों पर पोटाश खाद की किल्लत हो गई है। सरसों और आलू की बुवाई के लिए खाद की जरूरत के बीच किसानों को डीएपी तो सहकारी समितियों से मिल रही है, लेकिन पोटाश के लिए निजी दुकानों का रुख करना पड़ रहा है।
इस स्थिति में किसानों को खाद जुटाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और उनका समय भी बर्बाद हो रहा है।किसानों का कहना है कि बुवाई के महत्वपूर्ण समय में खाद की उपलब्धता सुचारु रहना जरूरी है। सहकारी समितियों पर डीएपी मिलने के बावजूद पोटाश पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होने से उन्हें अपनी जरूरत पूरी करने के लिए निजी दुकानदारों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सहकारी समितियों पर भी पर्याप्त मात्रा में पोटाश खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें एक ही स्थान पर आवश्यक खाद मिल सके और बुवाई के कार्य में अनावश्यक देरी न हो। सहायक निबंधक सहकारिता आरएस श्रीवास्तव का कहना है कि समिति कर्मचारियों से इस बारे में जानकारी ली जाएगी और समस्या का समाधान कराया जाएगा।
बातचीत
सहकारी समितियों पर डीएपी मिल जाती है, लेकिन पोटाश के लिए निजी दुकानों पर जाना पड़ता है। प्रशासन को समितियों पर पोटाश की उपलब्धता सुनिश्चित करानी चाहिए, जिससे किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े।
-रंजीत कुमार, किसान।
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सहकारी समितियों पर पोटाश नहीं मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को इस समस्या पर ध्यान देकर समितियों पर पोटाश उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसानों समय पर बुवाई कर सकें।
-रमाशंकर, किसान।