मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन देते भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता। संवाद
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आलू-गेहूं की बुवाई के दौर में डीएपी की जबरदस्त किल्लत और लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (हरपाल) गुट के कार्यकर्ताओं ने तहसील के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया।
मंगलवार को किसानों ने शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समस्याओं का समाधान करने की मांग की। इसके बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। चौ.हरपाल सिंह के नेतृत्व में हुए धरने का संचालन उमाशंकर बांगर ने किया।
ज्ञापन में किसानों को डीएपी की किल्लत से तत्काल निजात दिलाने की मांग उठाई गई। सहकारी संघों पर खाद की उपलब्धता, निराश्रित गोवंश से फसलों की बर्बादी रोकने के लिए मजबूत गोशाला बनाने की मांग की गई। विद्युत लाइनों को कस कर मजबूत बनाने, बिजली की चिंगारी से फसल जलने की घटनाओं को रोकने के इंतजाम किए जाए की मांग भी हुई।
वक्ता बोले-किसानों को मुफ्त बिजली दी जाए। स्मार्ट मीटर लगाए जाएं। लखीमपुर खीरी कांड में किसानों की हत्या के दोषी को कड़ी सजा दिलाए जाए। किसान नेता राकेश टिकैत को सुरक्षा दी जाए। सासनी-नानऊ रोड को दुरुस्त कराने की मांगें प्रमुख हैं। इस मौके पर राजकुमार कौशिक, उमा तोमर, भगवान सिंह, विजेंद्र सिंह, विशंभर सिंह, राजकुमार, राकेश बाबू, रामबाबू सिंह चौहान आदि मौजूद थे।