- 1 से 5 कर्मचारी नियोजन पर 2250 रुपए व 4500 रुपए
- 6 से 10 कर्मचारी नियोजन पर 4500 रुपए व 6000 रुपए
- 11 से 25 कर्मचारी नियोजन पर 7500 रुपए व 15000 रुपए
- 25 कर्मचारियों से अधिक पर 15000 रुपए व 30000 रुपए
नियमावली में हुए संशोधन के बाद दुकानदार ही नहीं बल्कि ग्राहक को भी बड़ा फायदा मिला है। अब दुकानदार पूरी तरह से दुकान खोलने के लिए आजाद है। श्रम विभाग की ओर से होने वाली परेशानी भी नहीं होगी। वहीं ग्राहक किसी भी दिन बाजार में आकर माल खरीद कर सकते हैं। उन्हें सोचने की जरुरत नहीं है कि आज साप्ताहिक बंदी है दुकान बंद रहेगी। सरकार ने हमारी मांगे मान कर बड़ी राहत दी है। -अनुभव अग्रवाल, व्यापारी नेता
लगातार मांग के बाद सरकार ने इस नियम को लागू किया है। अब निर्धारित शुल्क का १.५ गुना शुल्क जमा कर साप्ताहिक बंदी से रहात मिलेगी। सही शब्दों में समझें तो अगर वन टाइम फीस २२०० रुपए है तो ३३०० रुपए जाम कर साप्ताहिक बंदी से राहत मिलेगी। इस नियम में बदलाव के बाद दुकानदार ऑनलाइन कारोबार से प्रतिस्पर्धा करने के लिए और अधिक मजबूत होगा। -मनोज अग्रवाल, व्यापारी नेता
नियमों में संशोधन से दुकानदारों को बड़ी राहत दी गई है, अब किसी भी दुकानदार को पंजीयन के लिए कार्यालय आने की आवयकता नहीं है। दुकानदार या वाणिज्य अधिष्ठान मालिक सीधे निमेश मित्र पोर्टल पर जाकर पंजीयन कर सकता है। अब साप्ताहिक बंदी को लेकर भी राहत दी गई है। वन टाइम टैक्स आदि के नियम भी बड़ी राहत देने वाले हैं। -मोहम्मद आजम, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, हाथरस