शिक्षामित्र नेताओं की प्रदेश सरकार से वार्ता विफल होने के बाद गुरुवार को फिर शिक्षामित्रों ने सत्याग्रह शुरू कर दिया। गुरुवार को शिक्षामित्र नगर पालिका परिसर से दोपहर को बीएसए कार्यालय पर ज्ञापन देने पहुंचे। यहां शिक्षामित्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को पूरा कराने के लिए जमकर नारेबाजी की।
इस बीच शिक्षामित्रों की बीएसए कार्यालय में तैनात एक ऑपरेटर से तीखी नोक-झोंक भी हो गई, जिससे आक्रोशित शिक्षामित्रों ने डीसी एमडीएम के कमरे पर पत्थर फेंक दिए, जिससे कार्यालय के शीशे और कई उपकरण टूट गए। इसे लेकर काफी देर तक हंगामा हुआ। अंत में शिक्षामित्र नेताओं ने किसी तरह शिक्षामित्रों का आक्रोश शांत कराया।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन निरस्त करने के बाद शिक्षामित्रों द्वारा शिक्षण कार्य ठप कर आंदोलन चलाया जा रहा है। गुरुवार को भी शिक्षामित्रों ने नगर पालिका स्थित पार्क में सत्याग्रह आंदोलन चलाया। यहां शिक्षामित्रों ने अपना समायोजन बहाल रखने की सरकार से मांग की। इ
सके लिए उन्होंने भविष्य में भी आंदोलन जारी रखने का निर्णय भी लिया। इसके बाद सभी शिक्षामित्र एकत्रित होकर बीएसए कार्यालय पहुंचे। जहां कुछ देर कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने के बाद शिक्षामित्रों ने बीएसए रेखा सुमन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। बीएसए दफ्तर पर प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों की इस दौरान कार्यालय में तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर से नोक-झोंक हो गई, जिससे उत्तेजित कुछ शिक्षामित्रों ने डीसी एमडीएम के कक्ष पर ईंट-पत्थर फेंककर अपने गुस्से का इजहार किया।
इन ईंट-पत्थरों के कारण इस कार्यालय की खिड़कियों के शीशे टूट गए। पूरे कमरे में टूटे हुए शीशों का कांच फैल गया। कमरे में लगे इन्वर्टर एवं कंप्यूटर की एलसीडी आदि भी क्षतिग्रस्त हो गईं। शिक्षामित्र नेताओं ने बीच में आकर आक्रोशित शिक्षामित्रों का गुस्सा शांत किया।