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जर्जर तारों के नीचे घर, हर वक्त हादसे का डर

Tue, 01 Nov 2016 11:29 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
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शहर के मोहल्ला रमनपुर में हादसे को बुलावा दे रहा जर्जर तारों का पोल। - फोटो : अमर उजाला
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सर्दी से पहले विद्युत विभाग के इंतजाम लापरवाही की भेंट चढ़ते दिख रहे हैं। विभाग ने अभी तक न तो जर्जर लाइनों को बदले जाने का काम शुरू कराया है और न ही ढीले और काफी नीचे तक लटक रहे तारों को कसे जाने का। कई जगह लगे जर्जर विद्युत पोल भी हादसे का सबब बने हुए हैं। यह स्थिति सिर्फ गांव-देहात की ही नहीं, बल्कि शहर की भी बनी हुई है।
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पिछले दिनों शहर के मोहनगंज इलाके में भी तारों के टूटने से तीन बार गंभीर हादसा टल चुका है। हो चुके हैं। बावजूद इसके विद्युत विभाग अभी तक नहीं चेता है।  नवंबर माह की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में धीरे-धीरे सर्दी शवाब पर पहुंच रही है, लेकिन विद्युत विभाग अभी तक नहीं चेता है।

अभी तक जर्जर तारों को नहीं बदलवाया गया है, जिससे अब आए-दिन सर्दी में विद्युत तारों के टूटने की समस्या से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यही नहीं कई स्थानों पर यह जर्जर विद्युत लाइनें जानलेवा भी साबित हो सकती हैं। इसी तरह शहर, कस्बों व देहात में काफी नीचे तक लटक रहीं विद्युत केबलें व एलटी लाइनें हादसे का सबब बनी हुई हैं।
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इन केबलों से कई हादसे घटित हो चुके हैं, लेकिन अभी तक विभागीय अफसर बेसुध बने हुए हैं। गांव गिजरौली, रमनपुर, टाप रोड और आगरा रोड पर काफी नीचे तक लटके विद्युत तार उदाहरण बने हुए हैं। इसी तरह शहर सहित कस्बों व देहात में कई स्थानों पर खड़े जर्जर विद्युत पोलों को अभी तक नहीं बदलवाया गया है।

अभी हाल ही के दिनों में शहर के मोहनगंज में तारों के टूटने से बाइक जल गईं थी और सादाबाद में ट्रांसमिशन लाइन टूटकर एचटी लाइन पर गिरने से कई घरों में विद्युत उपकरण फुंक चुके हैं। यूपीपीसीएल मुख्यालय के आदेश के बावजूद इन्हें बदलवाने को लेकर बिजली अधिकारी कतई गंभीर नहीं हैं। 

विद्युत विभाग की लापरवाही से ही शहर में तार टूटने की समस्या गहरा रही है। डीएम को हस्तक्षेप कर विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करना चाहिए और शहर में होने वाले हादसों से जनता को बचाना चाहिए। 
- नवरत्न, उपभोक्ता

उपभोक्ताओं से हर माह बिल वसूल तो किया जाता है, लेकिन कोई सुविधा नहीं दी जाती। जर्जर तार टूटते रहें, इसका विभागीय अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ता। यह उनके लिए आम समस्या है। 
- रवि, उपभोक्ता  

अगर अभी जर्जर तारों को नहीं बदला गया तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। कुछ कर्मचारी इन्हीं जर्जर तारों को जोड़ने के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। इनके ऊपर किसी अधिकारी की नजर नहीं है। 
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- भूरा, उपभोक्ता 
 
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