विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय ने 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी। तहरीर में उसने कहा कि पांच जुलाई 2017 की रात्रि में उसका परिवार सोया हुआ था। सुबह उठकर देखा कि प्रार्थी की पुत्री घर से लापता थी। खोजबीन की तो पता चला कि विवेक पुत्र सतीश का साला सोनवीर उर्फ टिंकू निवासी साहिबाबाद गाजियाबाद विवेक के यहां रुका था।
वह उसकी पुत्री को अपने जीजा विवेक के सहयोग से बहला-फुसलाकर ले गया। प्रार्थी को भय है कि है कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ कोई अनहोनी घटना न हो जाए। इस षडयंत्र में विवेक की पत्नी कविता व सोनवीर उर्फ टिंकू की मां बीना भी पूर्ण रूप से शामिल हैं। इस मामले में थाना सिकंदराराऊ में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के दौरान बीना की नामजदगी गलत पाई।
विवेचक ने संकलित साक्ष्य के आधार पर सोनवीर उर्फ टिंकू, ओम प्रकाश व केला देवी के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। अभियुक्ता कविता देवी के विरुद्ध विवेचना जारी रही और विवेचना के बाद विवेचक ने कविता के विरुद्ध धारा 368 आईपीसी के अंतर्गत न्यायालय में आरोपपत्र प्रेषित कर दिया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश ( पोक्सो एक्ट) चित्रा शर्मा के न्यायालय में हुई।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत अभियुक्त सोनवीर को दोषी माना। न्यायालय ने अभियुक्त ओमप्रकाश, केला देवी व कविता को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने दोषी सोनवीर को सात वर्ष के कठोर कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केशवदेव माहौर ने की।