10 जून 2020 को रोजाना की तरह गांव गोजिया से अशोक कुमार प्रेम कुमार के घर से दूध लेकर आ रहे थे। उसका भाई दूसरे के घर से दूध लेकर अपने भाई के पीछे-पीछे आ रहा था। तभी शाम करीब सात बजे विशंभर ने अपने घर के सामने जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार से गर्दन पर प्रहार किया, जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर गए।
हाथरस सत्र न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय के न्यायालय ने हत्या के प्रयास के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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थाना मुरसान क्षेत्र के गांव के पिथा निवासी मूलचंद ने तहरीर देकर कहा था कि वह और उनका भाई अशोक कुमार दूधिया का काम करते हैं और गांव गोजिया से दूध निकलवाते हैं। ग्राम गोजिया के विशंभर ने उनके भाई से शराब पीने के लिए रुपये मांगे थे। भाई के मना करने पर विशंभर खुन्नस मान गया था।
10 जून 2020 को रोजाना की तरह गांव गोजिया से उनके भाई अशोक कुमार प्रेम कुमार के घर से दूध लेकर आ रहे थे। वह दूसरे के घर से दूध लेकर अपने भाई के पीछे-पीछे आ रहे थे। तभी शाम करीब सात बजे विशंभर पुत्र दामोदर जाट ने अपने घर के सामने जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार से गर्दन पर प्रहार किया, जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर गए।
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इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी विशंभर को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।