सिकंदराराऊ। कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश में विधान सभा चुनावों के लिये प्रत्याशियों के चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। गुरूवार को केन्द्रीय पर्यवेक्षक रघुवीर सिंह मीणा एवं मंडल कोर्डीनेटर सतीश शर्मा ने क्षेत्र की नब्ज टटोली। सात लोगों ने क्षेत्र से टिकट के लिए दावा किया है।
ठीक एक वर्ष बाद विधान सभा चुनावों की रणभेरी बज जाएगी। बसपा पहले ही अप्रत्याशित रूप से अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। गुरूवार को केन्द्रीय पर्यवेक्षकों का कांग्रेसियों नेे जीटी रोड स्थित रविन्दर सिंह पुण्ढीर के आवास पर भव्य स्वागत किया। इसके बाद टिकट की चाहत रखने वालों के दावों पर मंथन शुरु हो गया। टिकट के सात दावेदारों से अलग-अलग पहलुओं पर बात की गई। सभी ने विधान सभा सीट जीतने का दावा किया। कई घंटे के बाद पर्यवेक्षक मीणा ने बताया कि कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ प्रदेश में विधान सभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की निगरानी में प्रत्याशियों की जांच की कार्यवाही चल रही है। इसके अतिरिक्त प्राईवेट एजेंसियों के माध्यम से भी जांच का काम कराया जा रहा है। इस मौके पर करूणेश मोहन दीक्षित, जगतवर्ती पाठक, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, नवेद अहमद, जहीरूददीन पीरजादा, इश्त्याक अहमद सैफी, फकीर मौहम्मद अब्बासी, अखलाक भारती, रवेन्द्र सिंह पुण्ढीर, अरूण दीक्षित, मुस्लिम कुरेशी, राजू अब्बासी, प्रशांत प्रताप सिंह, वकील खान, ललित माहौर, पुलकित माहेश्वरी आदि थे। ं
कैप्सन1 कांग्रेस पर्यवेक्षक का होता स्वागत।
कांग्रेस प्रत्याशियों की होती रही है जमानत जब्तसिकंदराराऊ। पिछले कई विधान सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस प्रत्याशियों को मिलने वाले वोटों की संख्या निर्दलीय प्रत्याशी के मुकाबले खासी कम रही है। वहीं बसपा, सपा और भाजपा की रणनीति के चलते कांग्रेस के पास कोई जातीय समीकरण भी नहीं बचा है। एक बार इस सीट पर पुष्पा चौहान कांग्रेस की टिकट पर विजयी हुई थी। उसके बाद से कांग्रेस पार्टी का प्रत्याशी जीतना तो दूर अपनी जमानत जब्त होने तक से नहीं बचा पाए हैं। एक बार पार्टी प्रत्याशी को कुछ हजार ही मत मिले थे। पिछली बार कांग्रेस का लोकदल से गठबंधन था।