जिले में केवल दो स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, रोस्टर के जरिए इनकी सेवाएं पूरे जिले में ली जा रही है। जिले भर में रोजना 550 गर्भवती महिलाएं परामर्श के लिए सरकारी अस्पतालों में पहुंचती हैं तथा 85 प्रसव होते हैं। ऐसे में सारी जिम्मेदारी स्टॉफ नर्स व एएनएम पर रहती है।
सीएमओ के अधीन चिकित्सकों के 116 पद हैं। इनके सापेक्ष जिले में मात्र 48 चिकित्सक तैनात हैं। महिला चिकित्सकों की बात करें तो यहां केवल दो स्त्री रोग विशेषज्ञ ही तैनात हैं। इनमें से एक की नियुक्ति ढाई माह पहले हुई है। इनके अलावा तीन लेडी मेडिकल ऑफिसर्स (एलएमओ) हैं। इनके अतिरिक्त स्टॉफ नर्स के भरोसे ही स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसूताओं को परामर्श दिया जाता है। जिला अस्पतल में रोजाना 250 प्रसूताएं आती हैं तथा 20 से 25 प्रसव होते हैं।
जिला महिला अस्पताल में चार दिन डॉ. रिचा गर्ग तथा मंगलवार व बृहस्पतिवार को डॉ. प्रीती शर्मा की ड्यूटी लगाई गई है। सिकंदराराऊ सीएचसी में बुधवार व शुक्रवार को डॉ. प्रीती की ड्यूटी रहेगी। शेष दिनों में एलएमओ रहेंगी। सासनी में मंगलवार व बृहस्पतिवार को डॉ. रिर्चा की तैनाती रहेगी। इसी तरह सादाबाद में सोमवार व शनिवार को डॉ. प्रीती शर्मा सेवाएं देंगी।
महिला अस्पताल में ऑनकॉल निश्चेतक
सिजेरियन प्रसव के लिए निश्चेतक की आवश्यकता होती है। जिले में निश्चेतक ही नहीं है। दो चिकित्सक ही छह माह का कोर्स कर निश्चेतक की ड्यूटी कर रहे हैं। ये भी सिकंदराराऊ, सासनी व सादाबाद अलग-अलग दिन ड्यूटी पर रहते हैं। जिला महिला अस्पताल में सप्ताह के सातों दिन निश्चेतक ऑनकॉल बुलाए जाते हैं।
उपलब्ध संसाधनों में बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं। चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा जा चुका है। जल्द ही चिकित्सकों की कमी पूरी होने की संभावना है। - डॉ. राजीव रॉय, सीएमओ।