जिले में पीपीपी मॉडल पर बनने वाले मेडीकल कालेज का सपना अभी पूरा होता नहीं दिख रहा। डीएम राहुल पांड्येय ने फिर एक बार शासन को मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण के लिए पराग डेयरी की भूमि को हस्तांतरित किए जाने के लिए रिमाइंडर भेजा है।इस रिमांडर के जरिए जमीन को चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित की जा सके।
जिले में कई वर्ष पहले से ही मेडिकल काॅलेज के निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। भवन निर्माण के लिए पराग डेयरी की भूमि को जमीन का चिन्हांकन किया गया है। दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड सासनी की खाली पड़ी भूमि को सशुल्क हस्तांतरित किए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कराने के लिए कहा है। पत्र में कहा गया है कि वर्ष 1987 में आयुक्त दुग्धशाला विकास ने 2,81,650.80 रुपये सशुल्क जमा किया था। इसके बाद से अब तक स्वास्थ्य विभाग को भूमि हस्तांतरित किए जाने के लिए अभी तक कुल सात बार पत्र लिखे जा चुके हैं। इस बार सातवां रिमाइंडर जिलाधिकारी की ओर से शासन का भेजा गया है।