जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और प्रसूताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जिला प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। अस्पताल में सिजेरियन प्रसव की संख्या बढ़ाने और मरीजों को पर्याप्त जगह मुहैया कराने के उद्देश्य से वार्ड क्षमता के विस्तार की योजना बनाई जा रही है।
वर्ष 2008 में बनकर तैयार हुए बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय 100 बेड का है। यहां 70 बेड पुरुष व 30 बेड महिला अस्पताल के लिए हैं। इन 18 वर्षों में यहां आने वाले मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। महिला अस्पताल में रोजाना ओपीडी में 300 से 400 महिलाएं पहुंचती हैं। वहीं यहां औसतन महीने में 300 बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें से 25 से 30 सिजेरियन होते हैं।
स्त्री रोग विशेषज्ञ, जगह व अन्य संसाधनों के अभाव के कारण यहां सिजेरियन की संख्या नहीं बढ़ पा रही। कम सिजेरियन की जानकारी पर डीएम ने पिछले सप्ताह महिला अस्पताल का भ्रमण किया था, जिसमें वार्ड क्षमता सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आई। प्रशासन की मंशा है कि यहां कम से कम 100 सिजेरियन हों।
10 अतिरिक्त बेड बढ़ाने का निर्णय
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मंथन करने के बाद शुरुआत में 10 बेड बढ़ाने पर विचार किया है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने पहले मिनी ओटी की जगह का विचार बनाया, लेकिन बात नहीं बनी। अब महिला अस्तपाल के बैठक कक्ष का विचार बनाया जा रहा है। सिजेरियन वाले मरीजों को पांच से छह दिन तक भर्ती रखना पड़ता है। बेड क्षमता 10 होने से सिजेरियन की संख्या 60 से 70 पहुंचने की उम्मीद है। अगस्त में 35 प्रसव सिजेरियन से हुए थे।
रोस्टर के अनुसार दो स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। ओपीडी के लिए दो और चिकित्सक मिली हैं। उपयुक्त जगह की तलाश कर जल्द से जल्द 10 नए बेड शामिल किए जाएंगे, जिससे अधिक मरीजों को लाभ मिल सके।
डाॅ. डीएम सक्सेना, सीएमएस महिला अस्पताल।