हाथरस विद्युत वितरण मंडल में शनिवार को अधीक्षण अभियंता और तृतीय विद्युत वितरण खंड के एक्सईएन के अचानक हुए तबादले से खलबली मच गई। विभागीय कर्मी व अधिकारी इन तबादलों को हाथरस के विद्युत वितरण खंड में पिछले साल हुए फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले से जोड़कर देख रहे थे तो कुछ अन्य कारणों से भी इन तबादलों को जोड़कर देखा जा रहा था।
कुछ और बिजली अफसर और कर्मियों की भी जल्द यहां से विदाई के संकेत मिल रहे हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक अधीक्षण अभियंता राकेश वर्मा का तबादला विद्युत नगरीय मंडल झांसी के अधीक्षण अभियंता पद पर किया गया है। जबकि तृतीय खंड के एक्सईएन महेशचंद का तबादला कर अधिशासी अभियंता कार्यालय प्रबंध निदेशक दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा से संबद्ध किया गया है।
सुबह जब इन दोनों अधिकारियों के तबादलों की सूचना बिजली महकमे में आग की तरह फैली तो कई कर्मचारी, लिपिक और अधिकारियों में यह चर्चा आम हो गई कि कहीं यह तबादले विद्युत वितरण खंड तृतीय में हुए फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले के कारण तो नहीं हुए, क्यों कि पूर्व में भी इसी घोटाले में कई अफसरों का तबादला यहां से हो चुका है और कई कर्मियों व लिपिकों पर गाज गिर चुकी है।
कुछ लोग दबी जुबान ये भी कह रहे थे कि फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले की विजिलेंस जांच से बचने के लिए कहीं इन अधिकारियों ने अपना तबादला स्वयं तो नहीं करा लिया। क्यों कि अभी भी नलकूप कनेक्शन घोटाले की विजिलेंस जांच होना बाकी है।