गर्मी की छुट्टियों के बाद जिले के परिषदीय विद्यालय बृहस्पतिवार को दोबारा खुल गए, लेकिन चिलचिलाती धूप के कारण पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम दर्ज की गई। शिक्षकों ने बच्चों को स्कूल लाने के लिए सुबह घर-घर जाकर संपर्क भी किया, लेकिन उनकी यह कोशिश ज्यादा कारगर नहीं रही।
बता दें कि इससे पूर्व शासन के आदेश पर 16 जून को स्कूल खोले गए थे, तब भी बच्चों की उपस्थिति बेहद कम होने के कारण शासन ने छुट्टियां बढ़ा दी थीं। बृहस्पतिवार को जब टीम ने जिले के विभिन्न स्कूलों की पड़ताल की, तो स्थिति बेहद चौंकाने वाली रही। कहीं शिक्षक बच्चों का इंतजार करते मिले, तो कहीं बच्चे हाजिरी लगाकर कुछ ही देर में खिसक गए।
केस-1
प्राथमिक विद्यालय, जोगिया (सात शिक्षक, शून्य विद्यार्थी)
विद्यालय में कुल सात शिक्षक और एक शिक्षामित्र तैनात हैं। प्रधानाध्यापक लक्ष्मी सिंह छुट्टी पर थीं, जबकि बाकी सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं समय से उपस्थित रहे। हैरान करने वाली बात यह रही कि यहां एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा। शिक्षकों से जब इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अधिकतर बच्चे अभी सैर-सपाटे से ही नहीं लौटे हैं।
केस-2
प्राथमिक विद्यालय, परताप (चार शिक्षिकाएं और चार विद्यार्थी)
इगलास बाईपास चौराहा स्थित गांव परताप के प्राथमिक विद्यालय की इंचार्ज सोनम दुबे ने बताया कि उनके विद्यालय में कुल 20 विद्यार्थी पंजीकृत (रजिस्टर्ड) हैं। पहले दिन इनमें से केवल चार छात्र ही स्कूल पहुंचे। राहत की बात यह रही कि विद्यालय की चारों शिक्षिकाएं ड्यूटी पर मौजूद थीं।
केस-3
प्राथमिक विद्यालय, नगला हेमा (कथा सुनने चले गए बच्चे)
यहां कुल 42 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से पहले दिन सिर्फ पांच ही उपस्थित हुए। प्रधानाध्यापक गीता चौधरी ने बताया कि स्कूल में दो शिक्षक और दो शिक्षामित्र कार्यरत हैं और सभी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि गांव में भागवत कथा होने के कारण आए हुए बच्चे भी थोड़ी देर रुककर वापस चले गए।
केस-4
संविलियन विद्यालय, भोजपुर खेतसी (107 में से सिर्फ 15 विद्यार्थी आए)
विद्यालय में कुल 107 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, लेकिन पहले दिन महज 15 छात्र ही क्लास में दिखाई दिए। प्रधानाध्यापक राजेश गौड़ ने बताया कि विद्यालय में कुल सात शिक्षक और तीन शिक्षामित्र तैनात हैं और सभी उपस्थित रहे। गर्मी के कारण पहले दिन छात्र संख्या काफी कम रही। आने वाले दिनों में छात्र संख्या को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
केस-5
प्राथमिक विद्यालय, बीसैया (12 में से पांच विद्यार्थी पहुंचे)
मथुरा-बरेली हाईवे पर स्थित इस गांव के प्राथमिक विद्यालय में कुल 12 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से पहले दिन पांच विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि विद्यालय के तीनों शिक्षक समय से ड्यूटी पर मुस्तैद थे। विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
केस-6
संविलियन विद्यालय, लहरा (22 बच्चों से बची रौनक)
यहां कुल 114 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें से पहले दिन 22 उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक प्रद्युम्न पाठक ने बताया कि विद्यालय में कुल आठ शिक्षक-शिक्षिकाएं तैनात हैं। इनमें से शिक्षिका नैना जैन दो फरवरी से आगामी ती अगस्त तक (लंबी अवधि के) अवकाश पर चल रही हैं, शेष स्टाफ मौजूद रहा।
पहले दिन स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम रही है। सभी विद्यालयों के शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाएं और स्कूल जाने से वंचित बच्चों के नामांकन सुनिश्चित कराएं।
-रणवीर सिंह, बीएसए