मीजल्स-रूबेला बूस्टर टीकाकरण अभियान में विद्यालय संचालकों ने अड़ंगा लगा दिया है। अभिभावकों की मंजूरी न मिलने का हवाला देते हुए छह स्कूलों ने टीकाकरण में सहयोग से इन्कार कर दिया है। पिछले अभियान में छूटे 27 हजार बच्चों का लक्ष्य विभाग को मिला है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग ने तीन दिन का अतिरिक्त समय लिया है।
जिले में 90 हजार बच्चों को मीजल्स-रूबेला की बूस्टर डोज देने का लक्ष्य मिला था, जिनमें से करीब 62 हजार 900 बच्चों को टीका लग चुका है। करीब 27 हजार बच्चे शेष रह गए थे। इसके लिए शासन ने प्रदेश में छूटे बच्चों के लिए दूसरा अभियान चलाया है। 18 अगस्त से अभियान शुरू हुआ है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल पहुंचकर टीके लगा रही हैं।
कई स्कूल इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग नहीं कर रहे हैं। बार-बार बीएसए व डीआईओएस को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन इन स्कूलों से एक ही जवाब आ रहा है कि अभिभावकों की मंजूरी नहीं मिल रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने शहर के ऐसे छह कान्वेंट स्कूल चिह्नित किए हैं, जो हर बार यही बहाना बनाते हैं। विभाग अब इन स्कूलों को मनाने के लिए जुट गया है। इसके लिए अभियान तीन दिन बढ़ाया गया है, जिसमें इन्हीं स्कूलों के प्रधानाचार्यों से बात कर टीके लगवाए जाएंगे।