शहर की एक फैक्टरी में निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म तैयार करते कारीगर। संवाद
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जिले का रेडीमेड गारमेंट्स कारोबार अब तेजी से विस्तार ले रहा है। यहां के कारोबारी आगरा, मेरठ और बरेली जैसे बड़े शहरों के निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म तैयार कर रहे हैं। इससे स्थानीय उद्योग को नई पहचान मिल रही है और रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
शहर में करीब 10 छोटी-बड़ी फैक्टरियों में स्कूली यूनिफॉर्म बड़े स्तर पर तैयार की जा रही है। कारोबारी कम लागत में अच्छी गुणवत्ता की यूनिफॉर्म तैयार कर रहे हैं। इस कारण बाहरी जिलों के स्कूल प्रबंधन यहां से ऑर्डर देना पसंद कर रहे हैं। यूनिफॉर्म तैयार करने के बढ़ते काम से स्थानीय स्तर पर कारीगरों, सिलाई-कढ़ाई करने वाले श्रमिकों और अन्य सहयोगी कामगारों को भी रोजगार मिल रहा है।
इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आई है। कारोबारियों का कहना है कि यदि इसी तरह ऑर्डर मिलते रहे तो आने वाले समय में हाथरस गारमेंट्स कारोबार के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में उभर सकता है।
हम लोग अन्य शहरों की तुलना में कम लागत में यूनिफॉर्म तैयार कर रहे हैं। यही वजह है कि आगरा, मेरठ और बरेली के कई स्कूलों से हमें लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं।
-पंकज अग्रवाल, यूनिफॉर्म बनाने वाले कारोबारी।
पहले हमारा काम सीमित था, लेकिन अब बाहर के जिलों से भी ऑर्डर आने लगे हैं। इससे हमारे काम में बढ़ोतरी हुई है और कारीगरों को भी रोजगार मिल रहा है। हमारी बनाई यूनिफॉर्म पसंद आ रही है।
-जितेंद्र कुमार शर्मा, यूनिफॉर्म बनाने वाले कारोबारी।