23 बच्चियों के एक साथ बीमार होने की घटना के बाद डीएम अविनाशकृष्ण सिंह ने जिले में सभी छह कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के नियमित निरीक्षण के लिए छह महिला अधिकारियों को नामित किया है।
यह नामित अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो बार विद्यालयों का निरीक्षण कर सीधे डीएम को रिपोर्ट सौंपेंगी। हालांकि डीएम का कहना है कि विद्यालय में छात्राओं के खानपान और रहन-सहन में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं।
डीएम के आदेशानुसार पदाभिहित अधिकारी एफडीए श्वेता सैनी को केजीबीवी सादाबाद, खंड विकास अधिकारी हाथरस गरिमा खरे को केजीबीवी हाथरस, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी डौली सिंह को केजीबीवी मुरसान, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत हसायन रमा दुबे को केजीबीवी हसायन, जिला विकलांगजन विकास अधिकारी प्रतिभा पाल को केजीबीवी सहपऊ एवं सहायक अभियंता जिला पंचायत रूपिका श्रीवास्तव को केजीबीवी सिकंदराराऊ के नियमित निरीक्षण के लिए नामित किया गया है।
डीएम ने बताया कि सभी केजीबीवी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाकर छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच कराई गई है। विद्यालयों में छात्राओं के खानपान एवं रहन-सहन के संबंध में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। इस कारण छोटी-छोटी छात्राओं का स्वास्थ्य खराब हो जाता है।
यह अधिकारी विद्यालय के समस्त शैक्षणिक शिक्षणेतर स्टाफ और विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं की उपस्थिति की जांच करेंगी। निरीक्षण में खाना बनाने की सामग्री की उपलब्धता एवं गुणवत्ता, रसोई एवं खाना बनाने के बर्तनों की सफाई व्यवस्था, रहन-सहन कपड़ों और बिस्तर, स्कूल परिसर की सफाई, छात्राओं के बाथरूम एवं टॉयलेट आदि की जांच विशेष तौर से की जाएगी।
भोजन की गुणवत्ता की जांच नोडल अधिकारी द्वारा भोजन चखकर की जाएगी। नामित महिला अधिकारियों द्वारा निरीक्षण के दौरान और शासनादेश के अंतर्गत अनुमन्य सभी प्रकार की सुविधाएं छात्राओं को दी जा रही हैं अथवा नहीं, इसके संबंध में भी जांच की जाएगी।
कोई भी नोडल अधिकारी अपने साथ किसी पुरुष स्टाफ को विद्यालय आवासीय परिसर में साथ नहीं लेकर जाएंगी। निरीक्षण में मिले तथ्यों की जानकारी सीधे डीएम को दूरभाष पर देते हुए निरीक्षण आख्या समय से उन्हें उपलब्ध कराएंगी। भ्रमण में पाए गए विशेष तथ्यों की जानकारी मोबाइल से फोटोग्राफ लेकर व्हाट्स एप के माध्यम से भी डीएम को उपलब्ध कराएंगी।
कस्तूरबा स्कूल में 23 बच्चियों के बीमार होने के मामले की जांच एसडीएम सदर राकेश गुप्ता ने शुरू कर दी है। एसडीएम ने जांच के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय की है। इस दिन वह खुद कस्तूरबा स्कूल जाकर सभी पक्षों के बयान दर्ज करेंगे। बीमार छात्राओं से भी बातचीत करेंगे।
कस्तूरबा स्कूल में बच्चियों के रहन-सहन, खाने-पीने और नहाने-धोने की सुविधाओं की भी जांच करेंगे। एसडीएम ने बताया कि इस बारे में स्कूल की वार्डन, रसोइया, सफाई कर्मचारी के अलावा सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को भी नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए कस्तूरबा स्कूल में मौजूद रहने को कहा है।
गौरतलब है कि डीएम ने घटना के बाद एसडीएम को इस मामले की जांच सौंपी थी। इस मामले में नगर शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश डीएम ने दिए थे, जबकि वार्डन को बर्खास्त करने के लिए कहा गया था। विभागीय अधिकारी इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर चुके हैं।
मामले में डीएम की सख्ती का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि चुनावी तैयारियों की व्यस्तता के बावजूद एसडीएम सदर को जांच के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय करनी पड़ी है। गौरतलब है कि इस घटनाक्रम के बाद डीएम ने स्कूल की सभी छात्राओं को एक हफ्ते के लिए उनके अभिभावकों के यहां भेजने का आदेश दिया था। सोमवार से यह छात्राएं स्कूल में लौटेंगी।