सादाबाद। गांव अभयपुरा स्थित नारायण इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमेन प्रोफेसर डॉ. हरीश चौधरी को फिनलेंड सरकार ने युवा वैज्ञानिक पुरस्कार के लिए नामित किया है। इन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ तुरकु, फिनलेंड से डी.एस.सी. की उपाधि प्रदान की जाएगी। डॉ. हरीश अगले महीने फिनलेंड जाएंगे और सरकार से पुरस्कार गृहण करेंगे।
बता दें कि डॉ. हरीश यूनिवर्सिटी ऑफ तुरकु फिनलेंड में बतौर विसिटिंग प्रोफेसर के पद पर कार्य कर चुके हैं। उनके 250 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। वह आईईईई एशिया के कोर्डिनेटर हैं। वह ग्रीन इलेक्ट्रोनिक्स के तहत यूरोपियन प्रोजेक्ट बायो प्लास्ट व लाइफ साइकल एसेसमेंट पर कार्य कर रहे हैं। उन्होने बताया कि नैनो मैटेरियल सिलिकॉन द्वारा निर्मित यह चिप 2.4 गीगा हर्टज का काम करेगी। डॉ. चौधरी ने बताया कि इस चिप को व्यक्तियों में लगाया जा सकेगा तथा उनकी बीमारियाें को पहले ही पता कर सकते हैं। अस्थमा, हार्ट अटैक, हाईबीपी आदि रोगों का पता चल सकेगा। डॉ. हरीश ने इस प्रोजेक्ट को प्रौद्योगिक मंत्रालय भारत सरकार को भेजा है। इससे पहले डॉ. चौधरी को दक्षिण कोरिया, इटली, जर्मनी सहित कई देशों में सरकार सम्मान दे चुकी है। यहां यह भी बता दें कि नारायण इंटरनेशनल स्कूल फिनलेंड व सिंगापुर से करार कर चुका है। स्कूल के दो छात्र जून में फिनलेंड जा रहे हैं। स्कूल के मैनेजर विजेंद्र सिंह व सचिव डॉ. मनोज, डॉ. नीतू ने डॉ. हरीश को बधाई दी है। यह क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।