फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सादाबाद विधानसभा सीट के चार प्रत्याशियाें के पर्चे रद्द

Wed, 25 Jan 2017 11:22 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्र निरस्त होने पर आपत्ति दर्ज कराते सरपंच समाज पार्टी के प्रत्याशी मोहर सिंह अधिवक्ताओं के साथ हंगामा करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में दाखिल हुए नामांकन पत्रों की जांच बुधवार से शुरू हो गई। तीनों विधानसभा क्षेत्रों के रिटर्निंग ऑफिसर्स ने उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच की। जांच के बाद हाथरस विधानसभा क्षेत्र के सभी 13, सिकंदराराऊ विधानसभा क्षेत्र के सभी 15 नामांकन पत्र सही पाए गए, जबकि सादाबाद विधानसभा क्षेत्र से नामांकन करने वाले 20 उम्मीदवारों में से चार उम्मीदवारों के नामांकन पत्र अपूर्ण एवं खामियों के चलते निरस्त कर दिए गए। इस प्रकार इस विधानसभा क्षेत्र में अब मात्र 16 उम्मीदवार के नामांकन पत्र ही रह गए हैं।
विज्ञापन


सादाबाद विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में चार प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खामियों और अधूरे विवरण के चलते खारिज किए गए हैं, जिनमें पराग कमल निवासी घंटाघर हाथरस अपने प्रस्तावकों की सत्यापित वोटर लिस्ट ही उपलब्ध नहीं करा सके।

अलका देवी के नामांकन पत्र के साथ प्रस्तावकों की संख्या 10 के स्थान पर नौ ही रह गई। इस खामी के चलते इनका नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रत्याशी राजबहादुर निवासी मांगरू ने नामांकन पत्र के साथ कोई शपथ पत्र ही प्रस्तुत नहीं किया, जिससे उनके नामांकन पत्र को भी खारिज कर दिया गया। 
विज्ञापन


सरपंच समाज पार्टी के प्रत्याशी मोहर सिंह का फॉर्म 26 अपूर्ण था। उनके द्वारा कोई शपथ पत्र भी प्रस्तुत नहीं किया गया था, जिससे इन सभी चारों नामांकन पत्रों को तकनीकी खामियों के आधार पर निरस्त कर दिया गया है। 

नामांकन पत्र खारिज होने पर हुई नोक-झोंक
नामांकन पत्र खारिज होने के बाद सरपंच समाज पार्टी के प्रत्याशी ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। वह अपने अधिवक्ताओं को लेकर इस संबंध में सादाबाद के रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम अभिषेक सिंह से मिले और आरोप लगाया कि नामांकन निरस्त करने से पहले उन्हें खामियाें की जानकारी नहीं दी गई। इसे लेकर वहां काफी देर तक शोर-शराबा भी हुआ।

रिटर्निंग ऑफिसर ने उनके अधिवक्ताओं को जानकारी दी कि वह उनको गुमराह करने का काम कर रहे हैं, जबकि इस संबंध में खामियों की जानकारी दिए जाने का नोटिस भी उनके द्वारा रिसीव किया गया है। मामले की जानकारी अधिवक्ताओं होने के बाद अधिवक्ताओं ने इसे लेकर नोक-झोंक कर रहे उम्मीदवार को शालीन व्यवहार करने की सलाह दी। इसके बाद उम्मीदवार को पुलिस ने वहां से जाने के लिए कह दिया। उनकी अधिकारियों से काफी देर तक बहसबाजी होती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें