हाथरस/सादाबाद/सिकंदराराऊ। बड़े नोट बंद होने की सरगर्मी शांत भी नहीं हुई है कि अब नमक पर पाबंदी और चीनी के दाम 300 रुपये किलो पहुंचने की अफवाह ने जिले का पारा चढ़ा दिया। बदायूं की तरफ से उड़ी इस अफवाह ने कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती खड़ी कर दी। हाथरस, सिकंदराराऊ, पुरदिलनगर, सहपऊ और सादाबाद में तो नमक नहीं मिलने पर दुकानदारों को लोगों का गुस्सा झेलना पड़ गया। जमकर मारपीट हुई। सिकंदराराऊ में देर रात कोतवाली पुलिस ने माइक से एनाउंस करके दुकानों को बंद करा दिया और दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि नमक बेचा तो खैर नहीं होगी।
जिले में सबसे पहले यह अफवाह कस्बा पुरदिलनगर पहुंची, जिसके बाद हजारों की भीड़ नमक खरीदने सड़कों पर उतर आई। सिकंदराराऊ के बड़ा बाजार, मंडी गांधीगंज, जीटी रोड, नयागंज और सब्जी मार्केट में देर रात नमक नहीं देने पर दुकानदारों के साथ मारपीट की घटनाएं भी हो गईं, जिसके बाद पुलिस और पीएसी भी बाजार में पहुंच गई। देर रात तक पुलिस फोर्स को हालात संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही थी। हाथरस में भी घंटाघर समेत कई जगहों से दुकानदारों और ग्राहकों के बीच झगड़े की जानकारी मिली है।
दुकानों पर नमक खरीदने के लिए मारामारी मच गई। आम तौर पर जो लोग एक-दो पैकेट ही नमक खरीदते थे, वह 10-10 पैकेट खरीदकर ले जाने लगे। आधा घंटे के भीतर पुरदिलनगर की दुकानों से नमक का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया। सिकंदराराऊ में दुकानों पर ग्राहकाें का जमघट लगा हुआ था। लोग नमक खरीदने की हड़बड़ी में थे। 20-25 रुपये किलो बिकने वाले नमक के रेट 100 रुपये किलो तक पहुंच गए। कहा जा रहा था कि नमक 200 रुपये किलो तक महंगा हो जाएगा, जबकि चीनी के दाम 300 रुपये पहुंचने की अफवाह रही।
यही वजह थी कि दुकानों पर नमक और चीनी खरीदने को मारामारी और हंगामा मचा हुआ था। दुकानदारों को भीड़ संभालने में मुश्किल हो रही थी, लेकिन प्रशासन का कुछ पता नहीं था। देर रात तक दुकानदार इस नई मुसीबत से जूझ रहे थे। हालांकि हाथरस सहित बाकी हिस्सों में इस अफवाह का कोई असर देर रात तक नहीं था। देर रात हाथरस के घंटाघर, नजिहाई बाजार, सासनी गेट आदि इलाकों में भी नमक-चीनी खरीदने को मची मारामारी और हंगामे के बाद काफी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई और दुकानों को बंद करा दिया। भीड़ को भी जैसे-तैसे वहां से खदेड़ा गया।
नमक और चीनी महंगी होना सिर्फ अफवाह है। इसकी सच्चाई पता कराई जा रही है। जो भी लोग इस अफवाह को फैलाने के लिए जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले के गोदामों में पर्याप्त चीनी का स्टॉक मौजूद है। अगर दुकानों से सही दाम पर चीनी नहीं मिलेगी तो हम सरकारी गोदामों से चीनी बिकवाएंगे।
- अविनाशकृष्ण सिंह, डीएम हाथरस