लगातार हादसों के बावजूद जिले में मालवाहक वाहनों में सवारियां ढोने का सिलसिला थम नहीं रहा। परिवहन विभाग और पुलिस के अभियान और कार्रवाई के दावों के बावजूद पिकअप, लोडर और अन्य मालवाहक वाहनों में बड़ी संख्या में लोग सफर करते आसानी से देखे जा सकते हैं।
इन वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं, जिससे हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इन दिनों धार्मिक आयोजनों और मंदिरों में दर्शन के लिए गांव-देहात से बड़ी संख्या में लोग मालवाहक वाहनों का सहारा ले रहे हैं।
कम खर्च और एक साथ अधिक लोगों के बैठ जाने के कारण लोग इन वाहनों में सफर तो कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी हो रही है। कई बार महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी इन्हीं वाहनों में बैठकर यात्रा करने को मजबूर होते हैं। जिले के आगरा-अलीगढ़ और मथुरा-बरेली राजमार्ग के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्गों पर भी ऐसे वाहन दिनभर दौड़ते रहते हैं।
कई वाहनों में लोग पीछे खड़े होकर या किनारों पर बैठकर यात्रा करते हैं, जिससे अचानक ब्रेक लगने या वाहन के अनियंत्रित होने पर गंभीर हादसा हो सकता है। यातायात नियमों के अनुसार मालवाहक वाहनों में सवारियां बैठाना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।
लगातार हो रहीं कार्रवाई
बात अगर एक जून से अब तक की करें तो एआरटीओ लक्ष्मण प्रसाद ने कुल 1004 वाहनों के चालान काटे हैं। इनमें माल वाहन में सवारियां लेकर चलने वाले तीन वाहनों के चालान शामिल हैं। पीटीओ रामबाबू की ओर से कुल 1403 चालान काटे गए। इनमें सवारियां ले जाने वाले चार माल वाहक वाहन हैं।
हम लगातार यातायात के नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई कर रहे हैं। हर माह सघन अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
-लक्ष्मण प्रसाद, एआरटीओ, हाथरस।