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उड़नदस्ता टीम पर 1.65 लाख रु. लूटने का आरोप

Tue, 16 Apr 2019 12:28 AM IST
Mohd Rafeek न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
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कथित पीड़ित व्यक्ति।  - फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। सोमवार की देर शाम एक व्यक्ति ने उड़न दस्ता द्वारा उससे 1.65 लाख रुपये लूटने का आरोप लगाकर पुलिस-प्रशासन में खलबली मचा दी। बाद में जब पुलिस ने इस व्यक्ति से कड़ाई से पूछताछ की और तथ्यों की छानबीन की तो पुलिस के मुताबिक मामला फर्जी निकला। कोतवाली निरीक्षक मुरसान के मुताबिक इस व्यक्ति ने पैसा हड़पने के लिए यह नाटक किया था। सीओ सादाबाद मुकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने भी इस मामले की जांच इस व्यक्ति की बातों में कोई सच्चाई नहीं निकली। अब पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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इस समय आदर्श आचार संहिता के चलते 25 हजार से ज्यादा नकदी बिना किसी बाजिव कारण के लेकर चलना मना है। तलाशी के लिए जिले में डेढ़ दर्जन उड़न दस्ता सक्रिय हैं।

सोमवार की देर शाम एक व्यक्ति ने थाना मुरसान पहुंचकर थाने में यह कहकर खलबली मचा दी कि उसे उड़न दस्ता ने लूट लिया है। इस व्यक्ति ने बताया कि उसका नाम सद्दाम निवासी तरफरा थाना कोतवाली हाथरस है। वह राया के फर्नीचर व्यापारी देवेश के साथ पार्टनरशिप में काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि वह विजयगढ़ और हाथरस से तगादा कर लौट रहा था तो मुरसान से पहले मथुरा रोड पर करवन नदी के निकट बोलेरो जीप में मौजूद कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। वह स्कूटी पर सवार था। सद्दाम के मुताबिक बोलेरो गाड़ी में एक व्यक्ति ने खुद को उड़न दस्ता प्रभारी बताया। गाड़ी के बाहर दो सिपाही और एक कैमरामेन भी मौजूद था।
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 इन लोगों ने खुद को उड़न दस्ता में बताकर सद्दाम की तलाशी ली तो उसकी स्कूटी की डिग्गी से 1.65 लाख रुपये निकले। इन लोगों ने यह नकदी कब्जे में ले ली और उससे बोले कि वह उनकी गाड़ी के पीछे कोतवाली हाथरस आ जाए। वहीं बातचीत होगी। यह लोग वहां चले गए। सद्दाम ने बताया कि वह जब कोतवाली पहुंचा तो वहां उसे कोई नहीं मिला। पुलिस ने भी उड़न दस्ता के आने की कोई बात नहीं बताई। इस तरह उसे उड़न दस्ता की टीम बताकर लूटा गया है। उसकी इस बात पर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों से पता किया तो पता चला कि किसी उड़न दस्ता ने आज कोई नकदी जब्त नहीं की है। इस पर पुलिस ने उसी के कड़ाई से पूछताछ की तो वह बार-बार बयान बदलने लगा। फर्म स्वामी देवेश और अन्य लोग भी वहां आ गए।

 पुलिस ने जब उन लोगों से संपर्क किया, जिसके बारे में सद्दाम ने यह बताया कि उसने इन लोगों से तगादे के रुपये लिए थे तो पता चला कि उनसे भी पैसे पहले ले लिए थे। रुपये भी सद्दाम के नहीं थे। काफी देर पूछताछ के बाद इस मामले में कोतवाली निरीक्षक मुरसान शंभूनाथ सिंह ने बताया कि उक्त व्यक्ति सद्दाम ने रुपये हड़पने के लिए यह झूठ बोला था। जांच-पड़ताल और पूछताछ में यह बात सामने भी आ गई है। उससे कोई लूटपाट नहीं हुई है। वहीं इस मामले में एडीएम डॉ. अशोक कुमार शुक्ला का कहना है कि आज कोषागार में किसी भी उड़नदस्ता द्वारा जब्त की हुई धनराशि जमा नहीं कराई गई है। कोतवाली निरीक्षण मुरसान का कहना है कि उक्त व्यक्ति ने स्वीकार कर लिया है कि उसके साथ कोई घटना नहीं हुई है। उसके रुपये खर्च हो गए थे इसलिए उसने ये आरोप लगाया।
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