हड़ताल के बाद चलती रोडवेज बस। संवाद
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मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव के विरोध में दो दिन चले चक्का जाम के समाप्त होते ही बुधवार से रोडवेज बसों का संचालन सुचारू हो गया। बुधवार को सुबह से ही अधिकारियों ने बसों को रवाना कराने की कमान संभाल ली। हालांकि यात्रियों की संख्या कम होने से काफी कोशिश के बावजूद महज 39 बसें ही मार्ग पर जा सकीं। इसके विपरीत ट्रेनों में सफर करने वालों की अच्छी-खासी भीड़ रही।
गौरतलब है कि दो दिन से चल रहे चक्का जाम के चलते रोडवेज बसों का संचालन भी ठप था। हालांकि अधिकारियों ने मंगलवार को काफी प्रयास करके 70 में से 17 बसों को मार्ग पर निकलवा दिया था। बुधवार को संचालन पूरी तरह पटरी पर लौट आया, लेकिन यात्रियों की कमी से बसों को मार्ग पर रवाना करने में मुश्किलें पेश आईं। यात्रियों की जरूरत को देखते हुए हाथरस डिपो से सुबह चार बजे से ही बसों को मार्ग पर भेजने का सिलसिला शुरू कर दिया गया। पूरे दिन में 75 में से कुल 39 बसों को निर्धारित संख्या के अनुसार मार्ग पर भेजा गया।
इसके अलावा अन्य बसों को उनकी समय सारणी की व्यवस्था के अनुरुप रवानगी की तैयारी की जाती रही। यात्रियों की संख्या में कमी के कारण अतिरिक्त बसों के संचालन की आवश्यकता नहीं पड़ी। बुधवार को लगातार दूसरे दिन जनपद के रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में यात्रियों ने यात्रा की। चक्का जाम खुलने की जानकारी न होने के चलते लोगों ने दूसरे दिन भी ट्रेनों से ही सफर करना मुनासिब समझा।
सामान्य दिनों की भांति बुधवार को पूरी क्षमता के साथ कुल 39 बसों को रवाना किया गया है। बुधवार को स्थिति सामान्य रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार रोडवेज कर्मियों ने बसों को उपलब्ध कराया है।
-सुमित अवस्थी, प्रभारी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, हाथरस डिपो।