यमुना एक्सप्रेस वे के निकट रिंग रोड निर्माण के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे की मांग को लेकर गांव मिढ़ावली में चल रहा किसानों का धरना प्रदर्शन 21वें दिन स्थगित कर दिया गया। उप्र कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि जैसवाल, एसडीएम मनीष चौधरी, तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर ने मांगें माने जाने का आश्वासन देकर किसानों को मना लिया।
पिछले 20 दिनों से भारतीय किसान यूनियन भानु के बैनर तले यह धरना-प्रदर्शन चल रहा था। अधिकारियों ने किसानों को 10 से 15 दिन में उनकी सभी मांगें माने जाने का आश्वासन दिया। किसानों की मांग थी कि जिनकी जमीन का अधिग्रहण हुआ है, उन सभी को 1.70 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाए।
निर्माण कार्य शुरू किए जाने से किसानों की जो फसल बर्बाद की गई है, उसका मुआवजा दिया जाए। खारे पानी की समस्या से मुक्ति दिलाई जाए। मिढ़ावली-गढ़ी हरिया एक्सप्रेस वे से खंदौली तक सर्विस रोड का निर्माण किया जाए तथा मिढ़ावली-गढ़ी हरिया पर एक्सप्रेस वे पर बाईपास का कट दिया जाए।
इन मांगों के संबंध में एसडीएम ने बताया कि तहसील स्तर से सभी पीड़ित किसानों को 1.32 करोड़ रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिए जाने की रिपोर्ट भेजी गई है। प्रभावित गाटों की जांच के लिए त्रिस्तरीय कमेटी बनाई गई है। कट को लेकर शासन स्तर पर बात रखी गई है। इसमें में समिति द्वारा जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद कट बनाने का काम किया जाएगा।
अधिग्रहित भूमि से एक इंच अधिक भूमि नहीं ली जाएगी। जल्द ही डामरीकरण का कार्य भी शुरू हो जाएगा। खारे पानी की समस्या से निजात के लिए पाइपलाइन बिछ गई है, कनेक्शन होना बाकी है। जल्द ही कनेक्शन कराकर पाइपलाइन के जरिये शुद्ध पानी की आपूर्ति कराई जाएगी।
कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि जैसवाल ने कहा कि किसानों की खतौनी, अंशधारण की समस्या के समाधान के लिए गांव में राजस्व अधिकारियों का शिविर लगवाकर निस्तारित कराएं। भाकियू भानु के राष्ट्रीय महासचिव धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि यदि 10 दिन में किसानों की मांगे नहीं मानी गईं तो 11 वें दिन से भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
मौके पर ब्लाॅक प्रमुख रामकिशन, राष्ट्रीय सचिव राजकुमार चौधरी, राहुल जैसवाल, सोनू सिंघल, रजत ठाकुर, हरीश शर्मा, मेंबर सिंह, गौरव चौधरी, कृष्णकांत रावत, हरेंद्र रावत, एवरन सिंह आदि थे। मौके पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार भी मौजूद रहे।