विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 17 नवंबर से शुरू होगी। डीएम अविनाशकृष्ण सिंह ने रविवार की छुट्टी में भी एडीएम समेत आला अफसरों के साथ बैठक कर नामांकन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। पिछले चुनाव की तरह इस बार भी पीछे की तरफ तीनों न्यायालय कक्षों को नामांकन प्रक्रिया के लिए आरक्षित कर दिया गया है। संबंधित एसडीएम को उनके विधानसभा क्षेत्र का रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है, जबकि उनके साथ दो सहायक रिटर्निंक ऑफिसर भी तैनात किए गए हैं।
एसडीएम सदर राकेश कुमार गुप्ता विधानसभा हाथरस (सुरक्षित), एसडीएम सिकंदराराऊ केहरी सिंह विधानसभा सिकंदराराऊ और एसडीएम सादाबाद अभिषेक सिंह विधानसभा सादाबाद के रिटर्निंग ऑफिसर बनाए गए हैं। उनके साथ संबंधित तहसीलदारों के अलावा एक-एक खंड विकास अधिकारी को भी बतौर सहायक रिटर्निंग ऑफिसर तैनात किया गया है।
डीएम ने बताया कि नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट पर कड़े सुरक्षा इंतजाम रहेंगे। कलेक्ट्रेट के दोनों ओर 100-100 मीटर की दूरी पर प्रत्याशियों और उनके साथ आने वाले समर्थकों के काफिले रोक दिए जाएंगे। यहां से प्रत्याशियों को सिर्फ चार समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट के अंदर दाखिल होने की इजाजत दी जाएगी, जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों को 10 प्रस्तावकों के साथ अंदर जाने की इजाजत होगी।
इससे पूर्व उनकी सुरक्षा जांच भी अनिवार्य होगी। दोनों तरफ 100 मीटर की परिधि में बैरियर लगाकर फोर्स की तैनाती की जाएगी। प्रत्याशियों के आने-जाने की वीडियोग्राफी भी होगी।
स्वीप कार्यक्रम से बढ़ाएंगे मतदान प्रतिशत
विधानसभा चुनाव 2017 के लिए स्वीप योजना और 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। डीएम ने इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग को सौंपी है। जिला विद्यालय निरीक्षक जितेंद्र कुमार मलिक को निर्देश दिए गए हैं कि वह विभिन्न संस्थाओं की मदद से इन दोनों कार्यक्रमों को सफल बनाएं। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम की सफलता के लिए रणनीति बनाने के लिए डीएम ने नौ जनवरी को शाम चार बजे से कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक बुलाई है।
बैठक में सभी संबंधित विभागीय अधिकारी और अन्य पदाधिकारियों से निर्धारित समय पर प्रतिभाग करने को कहा गया है। बैठक में जिला कोर कमेटी, शिक्षण संस्थान, विभिन्न विभाग, एनजीओ, विभिन्न क्लब और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को बुलाया गया है। व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचन सहभागिता कार्यक्रम (स्वीप) के तहत लोगों को वोट डालने के लिए जागरुक किया जाएगा और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के जरिए जिला प्रशासन ने मतदान का प्रतिशत 90 फीसदी से ऊपर ले जाने का लक्ष्य रखा है। यह भी संदेश दिया जाएगा कि दिव्यांग, बुजुर्ग और गर्भवती महिला मतदाताओं को लाइन में खड़ा रखने के बजाय सीधे मतदान टेबल तक पहुंचाया जाए।