सड़क निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले प्रमुख पदार्थ बिटुमिन की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी का अब निर्माण कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। शासन ने इस संबंध में नए आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई लागत को ठेकों में समायोजित किया जाएगा, ताकि ठेकेदारों को आर्थिक नुकसान न हो और विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें।
हाल के दिनों में बिटुमिन के दामों में हुई वृद्धि के कारण कई सड़क निर्माण और मरम्मत परियोजनाओं की गति प्रभावित होने लगी थी। कुछ ठेकेदार कार्यों को धीमा करने या रोकने की स्थिति में पहुंच गए थे। इसे देखते हुए शासन ने राहत भरा निर्णय लिया है। नए आदेशों के अनुसार जिन सड़क निर्माण कार्यों में बिटुमिन की आवश्यकता है, वहां इसकी बढ़ी हुई कीमतों को संबंधित ठेकों की लागत में समायोजित किया जाएगा।
इसके तहत ठेकेदारों को बिटुमिन की वर्तमान बाजार दरों के अनुसार अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा, जिससे वे बिना वित्तीय दबाव के कार्य जारी रख सकें। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार वर्मा के अनुसार यह व्यवस्था फिलहाल जून माह तक पूरे होने वाले निर्माण कार्यों पर लागू की गई है।
इसके बाद आगे के निर्माण कार्यों में बिटुमिन के उपयोग और बाजार मूल्य की स्थिति को देखते हुए शासन द्वारा नए निर्देश जारी किए जाएंगे। गौरतलब है कि वर्तमान में जिले में लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियों के माध्यम से सड़क निर्माण और मरम्मत के कई कार्य चल रहे हैं। शासन के इस निर्णय से इन परियोजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।