शहर की घनी आबादी के बीच घंटाघर पर मंगलवार को एक कार में लगे गैस सिलेंडर की रीफिलिंग के दौरान अचानक आग लग गई। तेजी से भड़की आग के कारण कार के बाहर रखा वह घरेलू गैस सिलेंडर फट गया, जिससे गैस भरी जा रही थी। तेज धमाके के साथ कार की छत उड़ गई और सिलेंडर करीब 100 मीटर दूर जाकर गिरा। धमाका इतना तेज था कि लोग सन्न रह गए।
धमाके के बाद तेज हुई आग ने पास की चार दुकानों के अलावा सामने वाली दुकान को भी अपने चपेट में ले लिया। जिन दुकानों को आग ने अपनी चपेट में लिया, उनमें से दो दुकानों में गैस रीफिलिंग की हैं। दोनों दुकानों के अंदर गैस से भरे सिलेंडर रखे होने की आशंका से लोग दहशत में आ गए और भगदड़ मच गई। लोगों ने हिम्मत जुटाकर बमुश्किल एक घंटे में आग पर काबू पाया।
घंटाघर के पास कपिल इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मोबाइल शॉप के नाम से कपिल उर्फ लांगुरिया निवासी सीकनापान गली की दुकान है। इसी दुकान के पास दो दुकानों में बड़े सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस रीफिलिंग की जाती है। मंगलवार सुबह 11 बजे यहां एक मारुति वैन के सिलेंडर में गैस रीफिल की जा रही थी।
इस बीच सिलेंडर से लीक हुई गैस ने आग पकड़ ली। बड़े घरेलू गैस के सिलेंडर में आग लगने के बाद आसपास के लोग आग पर काबू पाने की जुगत लगा ही रहे थे। तभी आग तेज हो गई। आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। कार के धू-धूकर जलते ही लोगों को सिलेंडर के फटने का अंदेशा हो गया और उन्होंने मौके से 100 मीटर दूर जाकर एक दुकान में शरण ले ली।
सभी पुलिस और फायर ब्रिगेड का इंतजार करने लगे। चंद मिनटों में ही सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया। लोगाें को लगा कि कार के अंदर लगा सिलेंडर भी अब फटेगा, इसलिए वह दूर ही बने रहे। अच्छा यह रहा कि धमाके में कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ। धमाके के बाद आग ने कपिल इलेक्ट्रॉनिक्स, गैस रीफिलिंग की दोनों दुकानों और सामने मुकेश और पवन अग्रवाल की नमकीन की दुकान को भी चपेट में ले लिया। आग लगने के पौन घंटे बाद भी फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची। लोगों का धैर्य जवाब दे रहा था।
कुछ देर बाद लोगों ने हिम्मत कर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। हालांकि कुछ देर बाद ही फायर ब्रिगेड आ पहुंची। सदर कोतवाल मनोज शर्मा भी मय फोर्स के मौके पर आ गए। आग लगने से दुकानों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।
यहां तक कि आसपास के लोग अपने घरों को छोड़कर दूर भाग निकले। हालांकि देर से पहुंची दमकल आग बुझाने में जुट गई और कोतवाली पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में फायर ब्रिगेड कर्मियों की मदद की। आसपास लोगों ने भी हिम्मत दिखाई और आसपास लगे सबमर्सिबल चालू कर आग बुझाने की कोशिश की। हादसे वाली जगह से 100 मीटर की दूरी पर पटाखों की दुकानें भी हैं। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।