एक दुकान में बिक्री के लिए रखे चावल के बोरे। संवाद
भीषण गर्मी में सुपाच्य और सभी को स्वादिष्ट लगने वाले दाल-चावल का स्वाद फीका पड़ रहा है। आवक कम होने से चावल की कीमतों में अचानक आई तेजी ने मध्य वर्गीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। चावल के भाव में करीब 25 से 30 रुपये प्रति किलो तक उछाल दर्ज किया गया है, जिससे आम लोगों की थाली का बजट गड़बड़ा रहा है।
व्यापारियों के अनुसार बाजार में चावल की आवक कम होने के कारण भाव लगातार बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि खाड़ी देशों में आपूर्ति कम होने के बावजूद स्थानीय बाजार में कीमतों में गिरावट नहीं आई है, बल्कि उल्टा तेजी हो रही है। कुछ दिन पहले तक जो चावल करीब 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वही अब 110 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। यही नहीं मध्यम और प्रीमियम श्रेणी के ब्रांडेड चावल के दामों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
- बाजार में चावल की आवक कम है, जिसके चलते भाव बढ़ रहे हैं। ग्राहकों को समझाना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि रोजमर्रा की चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं।
संजय कुमार, परचून विक्रेता।
हम खुद महंगे चावल खरीद रहे हैं, इसलिए हमें भी कीमत बढ़ानी पड़ रही है। ग्राहक कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं और सस्ते विकल्प तलाश रहे हैं।
गोविंद कुमार, परचून विक्रेता।