तहसील सादाबाद में की गई शिकायत की जांच के लिए आई राजस्व टीम को महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। टीम की टालमटोल की मंशा भांपकर महिलाओं ने जांच की लिए आई टीम का रास्ता रोक लिया और प्रशासन की ढिलमुल नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में नायब तहसील द्वारा काफी देर तक समझाने एवं पानी की निकासी के लिए शीघ्र काम शुरू कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद महिलाएं मानीं और टीम को जाने दिया। दरअसल, इन ग्रामीणों ने नालियों से निकलने वाले गंदे पानी की आगे कोई निकासी नहीं होने और उनके मकानों में जलभराव होने की शिकायत की थी।
ग्राम मानिकपुर (जलेसर रोड) पर उत्तर-मध्य रेलवे द्वारा तीसरी नई रेलवे लाइन का काम कराया जा रहा है। यह काम शुरू होने के बाद प्रगति नगर के निवासियों के आवासों से निकलने वाले गंदे पानी की आगे निकासी का कोई रास्ता नहीं बचा है। कुछ दिन पहले ग्राम प्रधान हरिओम चौधरी ने कच्चे नाले का निर्माण करा दिया था, लेकिन दबंगों ने उसे भी बंद कर दिया। गांव के आवास और गलियों में कई महीनों से घुटनों तक पानी भरा रहने एवं कई बार जिले एवं तहसील के अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका है।
पिछले दिनों जब तहसील में इसकी शिकायत की गई तो तहसीलदार ने नायब तहसीलदार संजय सिंह के साथ राजस्व टीम को जांच के लिए भेज दिया। ग्रामीणों को जब इस बात को पता चला तो वह घरों से निकलकर आ गए। उन्होंने नायब तहसीलदार से जमीन पर कब्जे की शिकायत की। आरोप है कि राजस्व कर्मियों ने इस मामले में ढिलमुल रवैया अपनाया, जिससे महिलाओं का पारा चढ़ गया। राजस्व टीम के जाते ही महिलाएं नायब तहसीलदार की गाड़ी के सामने खड़ी हो र्गइं और उनसे पानी की समस्या का निदान करने पर जोर देने लगीं। प्रशासन के विरूद्ध नारेबाजी करने लगी।
मेरे साथ आई टीम ने जांच पूरी कर ली है और जांच रिपोर्ट शीघ्र ही डीएम को भेजी जाएगी। उनके आदेश के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है।
संजय सिंह, नायब तहसीलदार सादाबाद