फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: ताबड़तोड़ फायरिंग के आगे विफल रहे बचाव के प्रयास

Fri, 06 Feb 2026 02:23 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
विज्ञापन
विज्ञापन
मरने से पहले सैन्य कर्मी अखिलेश ने बचने के लिए काफी जद्दोजहद की। कई मिनट तक उन्होंने हमलावरों का सामना किया, लेकिन ताबड़तोड़ फायरिंग के आगे सारे प्रयास विफल रहे। सीएचसी पर जब उन्हें लाया गया तो बांयी कनपटी पर जख्म वाला हिस्सा काला था, जो कि बारूद प्रतीत हो रहा था।
विज्ञापन

इससे साफ है कि गोली जमीन पर निढाल पड़े अखिलेश की कनपटी से सटाकर मारी गई, जो दूसरी तरफ से पार निकल गई। बस इसी गोली के बाद उनके शरीर में हलचल बंद हो गई।



घटनाक्रम से साफ है कि पूरी योजना के साथ हमलावर तारीख वाले दिन का इंतजार कर रहे थे। बढ़ार चौराहा से समदपुर गांव में महज डेढ़ किलोमीटर का फासला है और घटनास्थल बढ़ार चौराहा के निकट है। इस चौराहे से आगे बढ़ते ही कार व बाइक सवार हमलावरों ने पीछा कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। शीशे पर डंडे से वार किए और कार से टक्कर मारी।
विज्ञापन

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार के टायर पर भी फायरिंग की। टायर फटने के कारण कच्चे में उन्हें कार रोकनी पड़ी। कार रुकते ही हमलावर उन पर टूट पड़े। आगे के दोनों तरफ के शीशे डंडे से तोड़ दिए। विंड शील्ड पर भी वार किए। अखिलेश ने नीचे उतरकर उनका सामना भी किया। इस दौरान कुछ राहगीर वहां रुक गए थे, लेकिन डर के कारण कोई बीच में नहीं आया।

हथियार देखकर जब वह भागे तो हमलावरों ने उन्हें घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे एकत्रित लोग भाग खड़े हुए। हमलावर आसानी से घटना को अंजाम देकर निकल गए। शरीर पर दिखे जख्म के अनुसार अखिलेश के एक गोली सिर, दो बांयें कंधे व एक बांयी जांघ में लगी है।


हमलावर गांव के होने की आशंका

पुलिस अभी विवाद का पता लगाने का प्रयास कर रही है, लेकिन प्रारंभिक जांच व घटनास्थल गांव के निकट होने के कारण आशंका जताई जा रही है कि हमलावर गांव समदपुर के ही हैं। बताते हैं कि रंजिश के चलते अखिलेश गांव नहीं जाते थे। गांव के कुछ युवकों के भी नाम सामने आ रहे हैं। इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने समदपुर में दबिश दी हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें