ठेका संचालक ने मारपीट, सीसीटीवी कैमरे तोड़ने व कंटीन संचालक को भी पीटने का आरोप लगाते हुए 45 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें 15 नामजद थे। रविवार की शाम को फिर महिलाएं एकत्रित हो गईं और ठेका खुलने का विरोध करने लगीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। कुछ लोग पुलिस से ही उलझ गए। नामजद युवक को हिरासत में लेने पर महिलाएं भड़क गईं तथा पुलिस पर ही हमला कर दिया।
युवक लाठी-डंडे व ईंट ले आए और एसआई व सिपाहियों पर टूट पड़े। बाद में कई थानों की पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। गांव में आरोपियों के घर दबिश दी गई। सोमवार को भी गांव में गश्त की गई।
इन पर भी हुई एफआईआर
जान से मारने की नीयत से पुलिस पर हुए हमले में 65 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें लज्जा देवी, संध्या, वेदिका, ललित कुमार, भूरा, जतिन, कन्हैया, हीरेश, गुड्डू सिंह, सनी, जानू, समसीरा, इरफान, कालू, भूरा, गुलफाम, कांता, इरफान उर्फ लाला, कान्हा, मुरारी, लक्ष्मी देवी, शिवानी, ऊषा देवी, कुशमा, अंकित, दीपक, योगेश, रेशमा, पवन, भरत, सनी, हिना, दाऊद खां, मोनू के अलावा 30 अज्ञात हैं। इनमें दाऊद खां इगलास के सराय बाजार व मोनू सरौठ सादाबाद का रहने वाला है। बाकी लोग गांव टुकसान के ही हैं। सीओ सिटी हिमांशु माथुर ने बताया कि चार महिलाओं सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से लज्जा देवी व उनकी दोनों बेटियां संध्या व वेदिका हैं।
कानून को ठेंगा दिखाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। गांव में शांति व्यवस्था कायम है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी